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तीन सदस्यीय जांच दल ने बंद कमरे में जनपद सीईओ से की पूंछतांछ, दस्तावेज जप्त कर जांच शुरू

तीन सदस्यीय जांच दल ने बंद कमरे में जनपद सीईओ से की पूंछतांछ, दस्तावेज जप्त कर जांच शुरू


जनपद सीईओ के भ्रष्टाचार करने को लेकर जनपद अध्यक्ष ने कलेक्टर से को थी शिकायत

नौगांव जनपद में हुए भ्रष्टाचार की शिकायत पर जिला पंचायत सीईओ ने बनाई तीन सदस्यीय जांच कमेटी,

नौगांव।नौगांव जनपद पंचायत में निर्माण कार्य में हुए भ्रष्टाचार एवं अनियमितता करने के मामले को लेकर जनपद अध्यक्ष हेमलता पाठक की शिकायत पर जिला पंचायत सीईओ द्वारा गठित 3 सदस्यीय जांच दल ने लेखाधिकारी से पूंछतांछ करते हुए आवश्यक दस्तावेज जप्त कर जांच पड़ताल की है, साथ ही जनपद सीईओ से भी टीम ने लेखाधिकारी के बंद कमरे में सवाल जवाब किए। निरीक्षण के बाद जांच टीम ने प्रतिवेदन बनाकर जिला कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ को देने की बात कही है।

 जिला पंचायत सीईओ तपस्या सिंह परिहार द्वारा नौगांव जनपद पंचायत अध्यक्ष हेमलता पाठक की शिकायत पर जनपद अध्यक्ष भागीरथ तिवारी के द्वारा की गई वित्तीय अनियमितता को लेकर एक तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया है। मंगलवार को दोपहर जांच कमेटी के अतिरिक्त सीईओ चंद्रसेन सिंह, कोषालय अधिकारी विनोद श्रीवास्तव एवं वरिष्ठ लेखाधिकारी श्रीमती सुभाषिनी जैन की कमेटी ने जनपद पंचायत नौगांव पहुंचकर जनपद में पदस्थ लेखाधिकारी से पूंछतांछ करते हुए लेखाजोखा , भुगतान दस्तावेज सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज चेक किए तो वहीं कुछ आवश्यक दस्तावेज भी जप्त किए। इसके बाद जांच टीम ने लेखाधिकारी के कक्ष में ही जनपद पंचायत सीईओ भागीरथ प्रशाद तिवारी से भी सवाल जवाब किए।

 जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हेमलता राकेश पाठक ने जिला कलेक्टर संदीप जी आर को एक आवेदन देकर जनपद पंचायत सीईओ भागीरथ तिवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार संबंधी एक शिकायत की गई थी। जिस संबंध में मंगलवार के दिन छतरपुर से आई एक संयुक्त टीम ने सीईओ भागीरथ तिवारी के दस्तावेजों को लेकर जांच शुरू कर दी है। आवेदन में उल्लेख है कि भागीरथ तिवारी सीईओ जनपद पंचायत नौगांव द्वारा बगैर जनपद में मीटिंग बुलाए ग्राम पंचायत करारागंज में 6.50 लाख रुपए, बरट में 2.50 लाख रुपए, गोरारी में 1.75 लाख रुपए, ढिगपुरा में 3.50 लाख, चंद्रपुरा में 3 लाख रुपए 15 वां वित्त में बांट दिए हैं, इनके द्वारा जनपद पंचायत में भुगतान हेतु कोई अनुमोदन नहीं लिया गया है।कमीशन के 10 प्रतिशत रूपए लिए गए। कैश बुक में टेंट हाउस के तथा अन्य फर्ज़ी बिलों का 3 लाख रुपए का भुगतान किया गया, जिसकी शिकायत पूर्व में आयुक्त सागर को निरीक्षण के दौरान नौगांव में दी जा चुकी है। जनपद सीईओ भागीरथ तिवारी द्वारा मनरेगा के कार्यों हेतु जो राशि आती है उसको बिना नियम के जो भी पैसे कमीशन के ज्यादा देते हैं, उन्हें वो भुगतान किया जाता है ,ऐसी ग्राम पंचायत मऊपुर, गोरारी, सैला में सबसे अधिक रूपए नियमों के विपरीत बांटा गया है। मनरेगा की राशि के भुगतान की जांच कराई जाना आवश्यक है। मनरेगा की कैश बुक में फर्ज़ी बिलों का भुगतान किया गया है।साथ ही जनपद निधि से नियमों से हटकर काम स्वीकृत किए गए हैं। भुगतान हेतु सीईओ जिला पंचायत से राशि मांगी थी लेकिन राशि न आने के कारण वही काम नियम से हो गए और करारागंज पंचायत का 6.50 लाख रुपए का भुगतान कर दिया गया। कार्ययोजना में स्वीकृत कार्य शासकीय अस्पताल गर्रोली में बाउंड्री वॉल निर्माण एवं गौशाला की बाउंड्री निर्माण, ग्राम पंचायत ठठेवरा शा.मा.शाला ग्राम पंचायत सिंगरावन कला की बाउंड्री निर्माण एवं अन्य कार्य भी स्वीकृत नहीं किए गए हैं, जो शासन के नियमों के विरुद्ध है। इन्हीं शिकायतों के चलते मंगलवार को आई संयुक्त टीमों ने दस्तावेजों को एकत्रित कर जांच शुरू कर दी है। 

इनका कहना है-

जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हेमल पाठक द्वारा सीईओ भागीरथ तिवारी के खिलाफ शिकायत की गई थी, दस्तावेजों को इकट्ठा कर जांच शुरू कर दी है, जो भी इसमें दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 

- विनोद श्रीवास्तव,

 जिला कोषालय अधिकारी छतरपुर

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