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जनपद अध्यक्ष नौगांव हेमलता पाठक ने जनसुनवाई में जनपद नौगांव सीईओ भागीरथ तिवारी पर भ्रष्टाचार के लगाए गंभीर आरोप

जनपद अध्यक्ष नौगांव हेमलता पाठक ने जनसुनवाई में जनपद नौगांव सीईओ भागीरथ तिवारी पर भ्रष्टाचार के लगाए गंभीर आरोप


जनपद पंचायत नौगांव के सीईओ भागीरथ तिवारी पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप,जिला सीईओ ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी की गठित

छतरपुर। छतरपुर जिले में विभिन्न विभागों में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। जनप्रतिनिधियों को धता बताकर अधिकारी खुलेआम भ्रष्टाचार करने में आमादा हैं। मंगलवार को जनसुनवाई में नौगांव जनपद की अध्यक्ष हेमलता और उनके पति राकेश पाठक ने प्रभारी कलेक्टर तपस्या सिंह परिहार को एक आवेदन दिया। जिसमें उन्होंने अपनी ही जनपद के सीईओ भागीरथ तिवारी पर 10 से 15 परसेंट कमीशन लेने के गंभीर आरोप लगाए हैं। हेमलता ने पत्र में उल्लेख किया है कि जनपद के सहायक यंत्री के सभी अधिकार जनपद सीईओ अपने पास रखे हुए हैं एवं कोई भी कार्य स्वीकृत कराने व टीएस जारी करने के एवज में कमीशन लिया जाता है। यहां तक कि जनपद की कैशबुक भी अध्यक्ष को नहीं बताई जाती है। जनपद सीईओ का कहना है कि अध्यक्ष जनपद के किसी भी मामले में हस्ताक्षेप नहीं कर सकते। पत्र में उल्लेख किया गया है श्रीमती हेमलता ने जनपद के सीईओ के द्वारा कार्य शुरु कराने से लेकर उपयोगिता प्रमाण पत्र जारी करने के एवज में अलग अलग बार से कई बार कमीशन वसूल किया जाता है। लगभग 90 लाख रुपए की राशि का गवन किया गया है। फर्जी बिलों के माध्यम से जनपद की राशि का आहरण किया गया है। इस संबंध में जनपद अध्यक्ष के पति राकेश पाठक ने चर्चा के दौरान बताया कि इस संबंध में शिकायत प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव एवं लोकायुक्त सागर में भी की गई है। राकेश पाठक का कहना है कि जब से भागीरथ तिवारी जनपद में पदस्थ हुए हैं तब से भ्रष्टाचार खुलकर हो रहा है। चुनाव में व्यस्तता होने का भरपूर लाभ जनपद सीईओ ने उठाया है मगर अब चुनाव संपन्न होने के बाद जनपद को भ्रष्टाचार से मुक्त किया जाएगा। यदि जनपद सीईओ समय रहते नहीं सुधरते हैं तो इसका खामियाजा उनको भुगतना पड़ सकता है। हालांकि जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी तपस्या परिहार जो कि वर्तमान में कलेक्टर के प्रभार में थीं उन्होंने इस शिकायती पत्र को तत्काल संज्ञान में लेते हुए तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है। जिसमें कोषालय अधिकारी विनोद श्रीवास्तव अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी चन्द्रसेन सिंह के अलावा एक अधिकारी को और नियुक्त किया है। यह जांच कमेटी अपनी जंाच एक हफ्ते के अंदर देगी। इस शिकायती पत्र के बाद से जिला पंचायत और अन्य जनपदों में हडकंप मचा हुआ है। फिलहाल भागीरथ तिवारी के ऊपर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं और यह आरोप कितने सार्थक होंगे यह आने वाला समय बतलाएगा।

इस संबंध में जनपद पंचायत के सीईओ भागीरथ तिवारी से दूरभाष पर चर्चा हुई तो उन्होंने बताया कि राकेश पाठक के द्वारा चुनाव में डेढ़ करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं वह शासकीय योजनाओं के माध्यम से वसूल करने मे लगे हुए हैं और उनका कहना है कि जनपद में मेरे हिसाब से काम होंगे। उनके द्वारा जो भी आरोप लगाए गए हैं वह पूरे निराधार हैं। शासकीय योजनाओं का लाभ नियम के अनुसार पात्र हितग्राही को ही मिलेगा।

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