सुरक्षा गार्ड के साथ मारपीट, डॉक्टरों और कर्मचारियों से गाली-गलौज का आरोप; FIR की मांग को लेकर स्वास्थ्य सेवाओं का कार्य बहिष्कार
बबेरू (बांदा)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) बबेरू में देर रात उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब जिला पंचायत सदस्य एवं भाजपा नेता अरुण सिंह पटेल पर अस्पताल में तैनात सुरक्षा गार्ड के साथ मारपीट करने और डॉक्टरों सहित अन्य कर्मचारियों से गाली-गलौज करने के आरोप लगे। घटना के बाद अस्पताल परिसर में तनाव का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार, आरोप है कि देर रात अरुण सिंह पटेल ने सीएचसी में तैनात सुरक्षा गार्ड के साथ मारपीट की। उक्त सुरक्षा गार्ड उत्तर प्रदेश पूर्व सैनिक कल्याण निगम के माध्यम से अस्पताल में तैनात है। घटना की जानकारी मिलने पर सीएचसी अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश सिंह मौके पर पहुंचे, जहां उनके साथ भी कथित तौर पर अभद्रता और गाली-गलौज की गई।
मामले को लेकर सीएचसी अधीक्षक ने देर रात बबेरू कोतवाली पहुंचकर लिखित प्रार्थना पत्र दिया और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हालांकि, एफआईआर दर्ज न होने से नाराज सीएचसी अधीक्षक सहित पूरा स्वास्थ्य अमला कार्य बहिष्कार करते हुए कोतवाली पहुंच गया। डॉक्टरों और कर्मचारियों ने कोतवाली में बैठकर एफआईआर दर्ज करने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।
सूचना मिलते ही पुलिस क्षेत्राधिकारी कृष्णकांत त्रिपाठी मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से बातचीत कर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
वहीं, सीएचसी अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश सिंह ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि मामले में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई नहीं की गई तो पूरा स्वास्थ्य विभागीय स्टाफ कार्य बहिष्कार जारी रखने को मजबूर होगा।
अब बड़ा सवाल यह है कि अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले डॉक्टर और कर्मचारी ही यदि सुरक्षित नहीं हैं, तो आम मरीजों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन निभाएगा? पुलिस की कार्रवाई और एफआईआर दर्ज होने को लेकर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

