विकास प्राधिकरण के सचिव और आयुक्त के न्यायालय का फैसला, गोदाम को ध्वस्त करने और सील करने का नोटिस जारी
बांदा। शहर के सर्वोदयनगर, चिल्ला रोड स्थित एक कथित अवैध सीमेंट गोदाम को लेकर विकास प्राधिकरण के सचिव मदन मोहन वर्मा और अध्यक्ष एवं आयुक्त चित्रकूटधाम मंडल अजीत कुमार के न्यायालय से महत्वपूर्ण आदेश जारी हुआ है। प्राधिकरण ने संबंधित भवन को बिना स्वीकृत मानचित्र और निर्धारित मानकों के निर्माण किए जाने का दोषी मानते हुए उसे ध्वस्त करने तथा सील करने का नोटिस जारी किया है। नोटिस में भवन स्वामी श्यामबाबू ट्रेडर्स को एक अक्टूबर 2026 तक आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि उक्त भवन को कथित रूप से वैध दर्शाकर बैंकों से करोड़ों रुपये का ऋण लिया गया है। मामले को लेकर भवन स्वामी द्वारा इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल किए जाने की बात भी सामने आई है, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया। हालांकि, ऋण और अन्य आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
तीन वर्ष चली सुनवाई के बाद आदेश
स्थानीय लोगों के अनुसार, सर्वोदयनगर के निवासियों ने घनी आबादी के बीच संचालित सीमेंट गोदाम को हटाने के लिए जिला प्रशासन और विकास प्राधिकरण से शिकायत की थी। शिकायत पर विकास प्राधिकरण के सचिव मदन मोहन वर्मा के न्यायालय में करीब तीन वर्ष तक सुनवाई चली। सुनवाई के बाद भवन को विकास प्राधिकरण के नियमों और स्वीकृत मानकों का उल्लंघन करते हुए निर्मित पाया गया।
इसके बाद अध्यक्ष एवं आयुक्त चित्रकूटधाम मंडल अजीत कुमार के न्यायालय ने भी सचिव के आदेश को बरकरार रखते हुए भवन को ध्वस्त करने और सील करने की कार्रवाई के निर्देश दिए।
सीमेंट की धूल से परेशान मोहल्लेवासी
मोहल्लेवासियों का आरोप है कि गोदाम में प्रतिदिन बड़ी मात्रा में सीमेंट उतारा और ट्रैक्टरों में लादा जाता है। सुबह, दोपहर और रात तक भारी वाहनों की आवाजाही से क्षेत्र में धूल और प्रदूषण की समस्या बनी रहती है। लोगों का कहना है कि सीमेंट की धूल घरों के किचन, बेडरूम, ड्राइंग रूम और ऊपरी मंजिलों तक पहुंच रही है, जिससे कई परिवार स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से परेशान हैं।
स्थानीय निवासियों ने यह भी आरोप लगाया है कि शिकायत करने वालों को धमकाया जाता है और शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जाता है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
जिला प्रशासन पर आदेश का पालन न कराने का आरोप
मोहल्लेवासियों का कहना है कि विकास प्राधिकरण के न्यायालय से स्पष्ट आदेश जारी होने के बावजूद जिला प्रशासन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहा है। लोगों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि अवैध निर्माण और गोदाम को आबादी से हटवाकर न्यायालय के आदेश का पालन कराया जाए।अब देखना होगा कि जिला प्रशासन विकास प्राधिकरण के आदेशों पर कब तक अमल करता है और सर्वोदयनगर के निवासियों को सीमेंट की धूल, भारी वाहनों और कथित धमकियों से कब राहत मिलती है।



