ड्रोन, सीसीटीवी वाहन और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के बावजूद चोरों ने कथित तौर पर कई जगहों पर किए हाथ साफ, बमीठा थाने में शिकायतें
छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले स्थित बागेश्वर धाम से शुरू हुई सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा के दौरान चोरी की कथित घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्राम गढ़ा से शुरू होकर बमीठा, चंद्रनगर, टोरिया और मड़ला सहित विभिन्न क्षेत्रों से गुजरने वाली यात्रा के दौरान कई स्थानों पर चोरी की वारदातें सामने आने की बात कही जा रही है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, इन घटनाओं में करीब 20 लाख रुपये की संपत्ति चोरी होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, चोरी की कुल रकम और घटनाओं की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे। पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा के अनुसार, यात्रा की सुरक्षा के लिए सागर जोन से अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। आवश्यकता पड़ने पर पुलिस मुख्यालय से भी अतिरिक्त बल बुलाने की व्यवस्था रखी गई थी। सुरक्षा इंतजामों में ड्रोन से निगरानी, सीसीटीवी वाहन, रेडियो कम्युनिकेशन सिस्टम, सादे कपड़ों में सिविल पुलिसकर्मियों और बम डिस्पोजल दस्ते की तैनाती भी शामिल थी।
इसके बावजूद यात्रा मार्ग के विभिन्न क्षेत्रों से चोरी की शिकायतें सामने आने से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। लोगों का सवाल है कि जब यात्रा की निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक और अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया था, तो कथित चोरों को वारदात करने का मौका कैसे मिल गया? यदि घटनाओं की पुष्टि होती है, तो यह सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता की जांच का विषय होगा।
करीब 20 लाख की चोरी का अनुमान, कुछ लोग शिकायत करने से कतरा रहे
स्थानीय स्तर पर सामने आ रही जानकारी के अनुसार, कुछ पीड़ित सामाजिक प्रतिष्ठा या अन्य कारणों से खुलकर सामने आने और एफआईआर दर्ज कराने से कतरा रहे हैं। वहीं, कुछ लोगों द्वारा बमीठा थाने पहुंचकर शिकायत संबंधी आवेदन दिए जाने की बात कही गई है। पीड़ितों को अधिकारियों की ओर से अगले दिन कार्रवाई किए जाने का आश्वासन मिलने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, शिकायतों की संख्या, चोरी गए सामान और पुलिस की कार्रवाई की आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।
आस्था के आयोजन में सुरक्षा पर सवाल
रथ यात्रा के दौरान हुई कथित चोरी की घटनाओं को लेकर लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कुछ लोग धार्मिक आयोजन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं, तो कुछ सोशल मीडिया और सार्वजनिक चर्चाओं में बाबा बागेश्वर की कथित चमत्कारी शक्तियों को लेकर भी टिप्पणियां कर रहे हैं।
हालांकि, चोरी की घटनाओं को किसी व्यक्ति की धार्मिक मान्यताओं या कथित शक्तियों के प्रमाण अथवा खंडन के रूप में देखना उचित नहीं होगा। इस मामले में मुख्य सवाल श्रद्धालुओं और आम नागरिकों की सुरक्षा, चोरी की घटनाओं की निष्पक्ष जांच तथा आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई करने का है।
अब निगाहें पुलिस कार्रवाई पर: बमीठा से लेकर चंद्रनगर, टोरिया और मड़ला तक सामने आ रही शिकायतों के बीच यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस चोरी की घटनाओं की पुष्टि कर कितनी जल्दी आरोपियों तक पहुंचती है और पीड़ितों की संपत्ति बरामद करने के लिए क्या कदम उठाती है। साथ ही, यात्रा के दौरान लगाए गए सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा भी जरूरी है, ताकि भविष्य में बड़े धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
