मौत बनकर मंडरा रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन, 20 साल पहले जा चुकी है एक युवक की जान; शिकायतों के बाद भी बेपरवाह विद्युत विभाग
छतरपुर। छतरपुर शहर के हनुमान टोरिया के पीछे बकयान मार्ग वार्ड नंबर 38 में विद्युत विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आ रही है। यहाँ लगभग 20 मकानों की छतों के ठीक ऊपर से 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन गुजर रही है। बिजली के तार छतों के इतने पास से सटकर निकल रहे हैं कि हर समय किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। अनेक बार लिखित शिकायतों और आवेदनों के बावजूद विभाग द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने से वार्डवासियों में भारी आक्रोश और भय का माहौल है।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि यह समस्या नई नहीं है, बल्कि दशकों पुरानी है। करीब 20 साल पहले इसी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से एक युवक की दर्दनाक मौत हो चुकी है। इसके अलावा कुछ समय पहले पोल में उतरे करंट से एक गाय की भी जान चली गई थी। इतने गंभीर हादसों के बाद भी बिजली कंपनी ने तारों को शिफ्ट करने या सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की ज़हमत नहीं उठाई।
बच्चों की आवाजाही बंद, छतों पर जाने से कतरा रहे परिजन
हाईटेंशन लाइन के खतरे को देखते हुए परिजनों ने बच्चों का छतों पर जाना पूरी तरह बंद कर दिया है। स्थानीय निवासी मुकेश कुशवाहा ने बताया कि अनहोनी के डर से वे बच्चों को छत पर खेलने तक नहीं जाने देते। रहवासियों का कहना है कि यदि कोई अप्रिय घटना घटित होती है, तो इसकी सीधी जिम्मेदारी विद्युत विभाग की होगी।
शहर भर में पसरा खतरा, अधिकारियों के निरीक्षण की मांग
वार्डवासियों के अनुसार, तारों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने के लिए लगातार आवेदन दिए गए हैं, लेकिन विभाग किसी बड़ी त्रासदी का इंतजार कर रहा है। लोगों का कहना है कि छतरपुर के अन्य इलाकों में भी बिजली के ढीले तारों और पोल में करंट की समस्या बनी हुई है। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन एवं विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से अविलंब मौके का निरीक्षण कर लाइन शिफ्ट कराने की गुहार लगाई है।

