छतरपुर। शहर के ऐतिहासिक और 160 साल पुराने महाराजा महाविद्यालय के पुराने स्वरूप की वापसी को लेकर एक बार फिर आंदोलन तेज हो गया है। कांग्रेस नेत्री दीप्ती पाण्डेय के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं और पूर्व छात्रों ने रिमझिम बारिश के बीच कॉलेज तिराहे पर पंडाल लगाकर जोरदार प्रदर्शन किया और हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और आम नागरिकों ने हस्ताक्षर कर अभियान में अपनी सहभागिता दर्ज कराई।कांग्रेस नेत्री दीप्ती पाण्डेय ने कहा कि महाराजा महाविद्यालय हम सभी का गौरव और अस्तित्व है। इस ऐतिहासिक संस्थान से पढ़कर निकले लाखों विद्यार्थियों ने देशभर में बुंदेलखंड का नाम रोशन किया है। हालांकि, महाराजा कॉलेज को महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में मर्ज किए जाने के कारण अब कई प्रकार की शैक्षणिक विसंगतियां पैदा हो गई हैं और भ्रष्टाचार का बोलबाला बढ़ गया है, जिससे छात्रों को सुविधानुसार शैक्षणिक सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।उन्होंने स्पष्ट मांग की है कि विश्वविद्यालय की नई बिल्डिंग बनकर तैयार हो चुकी है, इसलिए विश्वविद्यालय को उसके अपने भवन में स्थानांतरित किया जाए और महाराजा महाविद्यालय को उसका पुराना स्वरूप वापस लौटाया जाए। दीप्ती पाण्डेय ने क्षेत्र की जनता, अभिभावकों, छात्रों और सामाजिक संगठनों से इस आंदोलन से जुडऩे की अपील की है। उन्होंने बताया कि हस्ताक्षर अभियान के बाद प्रधानमंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भेजा जाएगा। यदि ज्ञापन के बावजूद मांगें पूरी नहीं हुईं तो अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। इस अवसर पर पूर्व छात्र अनीस खान, प्रशांत शर्मा, केके खनेजा, राममिलन गौतम और कमलेश कुमार द्विवेदी सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।

