महाराजपुर। नगरपालिका महाराजपुर में इन दिनों प्रशासनिक उदासीनता के चलते मूलभूत नागरिक सुविधाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं। जब से हरपालपुर सीएमओ को महाराजपुर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, तब से नगर के सभी 15 वार्डों की व्यवस्थाएं बेपटरी हो चुकी हैं। स्थानीय नागरिकों का गंभीर आरोप है कि प्रभारी सीएमओ सप्ताह में सिर्फ सोमवार को ही कार्यालय आते हैं, जिसके चलते अधिकांश समय सीएमओ कक्ष बंद रहता है और अधिकारी के न बैठने से कर्मचारियों में मनमानी बढ़ गई है।प्रशासनिक नियंत्रण के अभाव में नगर में जगह-जगह कचरे के अंबार लगे हैं, नालियों की नियमित सफाई व कीटनाशक छिड़काव नदारद है और कई वार्डों में नलों से मटमैला व बदबूदार पानी सप्लाई हो रहा है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। नागरिकों द्वारा सोशल मीडिया और शिकायतों के माध्यम से लगातार आवाज उठाने के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पा रहा है। अधिकारियों की नियमित अनुपस्थिति का सीधा असर नगर के विकास कार्यों पर भी पड़ रहा है। निगरानी के अभाव में कई निर्माण कार्य महीनों से अधूरे पड़े हैं और नई विकास योजनाओं की फाइलें धूल फांक रही हैं, जिससे नगर का विकास पूरी तरह थम गया है। नागरिकों ने जिला प्रशासन से महाराजपुर में नियमित सीएमओ पदस्थ करने, लंबित निर्माण कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा कर उन्हें समय-सीमा में पूर्ण कराने तथा सफाई व शुद्ध पेयजल व्यवस्था तत्काल दुरुस्त कराने की मांग की है। वहीं, इस संबंध में महाराजपुर नगरपालिका सीएमओ शैलेंद्र चौहान का कहना है कि उनकी टीम बीते तीन-चार दिनों से नगर में सक्रिय रूप से काम कर रही है और जहां भी कचरे के ढेर लगे हैं, वहां शीघ्र सफाई कराकर व्यवस्थाओं को सुधारा जाएगा।

.jpg)