छतरपुर। ग्राम रोजगार सहायक संघ–मनरेगा ग्राम रोजगार सहायक महासंघ संयुक्त मोर्चा ने बुधवार को जिला पंचायत पहुंचकर अपनी समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री एवं पंचायत व ग्रामीण विकास मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। संगठन के पदाधिकारियों ने कलेक्टर एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को यह ज्ञापन सौंपते हुए स्पष्ट किया कि ग्राम रोजगार सहायकों से उनकी मूल योजना विकसित भारत-जी राम जी के अलावा अन्य विभागों के कार्य बिना विभागीय अनुमति और बिना अतिरिक्त मानदेय के न करवाए जाएं।ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 19 अक्टूबर 2020 के आदेश तथा मध्य प्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद की 24 जून 2025 की रोजगार सहायक मार्गदर्शिका के तहत यह प्रावधान है कि अन्य योजनाओं या विभागों के कार्यों में संलग्न करने के लिए राज्य स्तरीय वरिष्ठ कार्यालय की लिखित अनुमति अनिवार्य है। इसके अलावा किसी अन्य शासकीय योजना का काम लेने पर संबंधित योजना के तहत अतिरिक्त मानदेय या पारिश्रमिक देने का स्पष्ट नियम तय है। संघ ने नाराजगी जताते हुए कहा कि धरातल पर स्थिति इसके बिल्कुल उलट है। अक्सर रोजगार सहायकों से अन्य विभागों और योजनाओं का काम करवा लिया जाता है, लेकिन काम का श्रेय और मिलने वाला मानदेय या प्रोत्साहन राशि अन्य विभागों व कर्मचारियों के खाते में दर्ज हो जाती है। मेहनत करने वाले ग्राम रोजगार सहायकों को न तो कार्य का कोई श्रेय मिलता है और न ही अतिरिक्त पारिश्रमिक। संगठन ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि जब तक जनहित के इन कार्यों के लिए राज्य स्तर से विधिवत दिशा-निर्देश जारी नहीं होते और अतिरिक्त मानदेय का स्पष्ट प्रावधान नहीं किया जाता, तब तक रोजगार सहायकों को 'स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना' समेत अन्य गैर-विभागीय कार्य करने के लिए बाध्य न किया जाए। ज्ञापन सौंपते समय संघ के जिला स्तरीय पदाधिकारी और बड़ी संख्या में ग्राम रोजगार सहायक उपस्थित रहे।

