छतरपुर। राजनगर जनपद की ग्राम पंचायत सीलोंन में सरपंच उप-चुनाव के दौरान महिला प्रत्याशी का नामांकन पत्र छीने जाने का मामला अब पूरी तरह गरमा गया है। जनपद कार्यालय में हुई इस सनसनीखेज घटना और वायरल वीडियो के सामने आने के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट परिसर का घेराव कर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। ग्रामीणों के भारी हंगामे और कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट नंबर एक पर धरने पर बैठ जाने से प्रशासनिक अधिकारियों के वाहन परिसर में ही फंस गए। हालात ऐसे बने कि अफसरों को पिछले रास्ते व दूसरे गेट से बाहर निकलना पड़ा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और एसडीएम के बीच जमकर तीखी बहस और तीखी नोकझोंक भी हुई।प्रदर्शन में शामिल समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष कपूर सिंह यादव ने सीधे तौर पर प्रशासन और सत्ताधारी दल की सांठगांठ का आरोप लगाया। कपूर सिंह यादव ने कहा कि सीलोंन पंचायत में उपचुनाव के दौरान जशोदा यादव नामांकन प्रक्रिया पूरी कर रही थीं। उन्हें और उनके परिजनों को पहले से चुनाव न लड़ने की धमकियां दी जा रही थीं। जब वे रिटर्निंग ऑफिसर के कक्ष में नामांकन जमा कर रही थीं, तब सत्ता संरक्षित गुंडे अंदर घुसे और सीधे आरओ के हाथ से भरा हुआ फॉर्म छीनकर भाग गए। पूरी पुलिस और प्रशासनिक मशीनरी मूकदर्शक बनी बैठी रही। उन्होंने आगे खुलासा किया, प्रत्याशी ने बताया कि घटना के समय रिटर्निंग ऑफिसर छीनने वालों से कह रहे थे कि भाईसाहब मेरी नौकरी चली जाएगी। अगर अफसर उन्हें भाईसाहब कह रहे हैं, तो साफ है कि वे उनके परिचित थे और मिलीभगत से यह खेल रचा गया। जब प्रत्याशी का नामांकन ही सुरक्षित नहीं है, तो चुनाव निष्पक्ष कैसे होगा? हम मांग करते हैं कि नामांकन वैध माना जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।वहीं ओबीसी महासभा के संभागीय प्रभारी गया प्रसाद पटेल ने कलेक्ट्रेट गेट पर मोर्चा संभालते हुए भाजपा सरकार पर लोकतंत्र को कुचलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भरत यादव की माता जशोदा यादव का फॉर्म सरेआम रिटर्निंग ऑफिसर के हाथ से छीनना लोकतंत्र की खुली हत्या है। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि यह केवल एक पंचायत चुनाव की बात नहीं है, बल्कि इसके जरिए संदेश दिया जा रहा है कि सत्ता के दम पर किसी भी चुनाव में गुंडागर्दी की जा सकती है। अगर सत्ताधारियों को जनता और वोटों पर भरोसा होता तो ऐसी छीना-झपटी की नौबत नहीं आती। हम कलेक्ट्रेट के गेट नंबर एक पर डटे हुए हैं और जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलेगा, यह धरना जारी रहेगा।
जनपद दफ्तर में हुई थी छीना-झपटी, कैमरे देख भागे थे अफसर-
गौरतलब है कि एक दिन पहले राजनगर जनपद कार्यालय में उस वक्त भारी अफरा-तफरी मच गई थी जब पीड़िता जशोदा यादव बड़े बाबू के कक्ष में नामांकन की कागजी कार्रवाई पूरी कर रही थीं। उसी दौरान राजनीतिक रसूख वाले लोग कक्ष में घुसे और बाबू से फॉर्म छीनकर फरार हो गए थे। बाबू द्वारा फॉर्म बचाने का प्रयास किया गया लेकिन वे नाकाम रहे। वहीं घटना के ठीक बाद मीडिया के कैमरे देख एसडीएम, तहसीलदार और जनपद सीईओ सवालों से बचते हुए दफ्तर छोड़कर चले गए थे। अब यह मामला जिला मुख्यालय पर बड़े राजनीतिक और सामाजिक आंदोलन का रूप ले चुका है।
