लवकुशनगर।एक तरफ मध्य प्रदेश सरकार बेटियों की सुरक्षा और शिक्षा के लिए 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' जैसे बड़े-बड़े नारे बुलंद कर रही है, वहीं दूसरी तरफ जिम्मेदार अधिकारी नियमों को ताक पर रखकर सरकारी परिसरों को अपनी निजी कमाई का अड्डा बना रहे हैं। ऐसा ही एक बेहद चौंकाने वाला और शर्मनाक मामला सामने गौरिहार अनुसूचित जाति बालिका उत्कृष्ट छात्रावास गौरिहार से, जहां मर्यादा और नियमों की धज्जियां सरेआम उड़ाई जा रही हैं।
कथित अधीक्षक कक्ष बना 'अवैध शॉपिंग कॉम्प्लेक्स'-
छात्रावास की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए अधीक्षक कक्ष के भीतर बकायदा एक किराना दुकान सजा दी गई है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस दुकान को कोई और नहीं, बल्कि कथित तौर पर छात्रावास अधीक्षक के ही एक रिश्तेदार (दंपत्ति) संचालित कर रहे हैं। जिस कक्ष से छात्रावास की व्यवस्थाओं पर नजर रखी जानी चाहिए थी, वहां से अब नफे-नुकसान का हिसाब-किताब लगाया जा रहा है। नियम-कायदों को ताक पर रखकर बाहरी दंपत्ति का बालिकाओं के छात्रावास में इस तरह जमे रहना सुरक्षा पर बहुत बड़ा सवालिया निशान है।
सुरक्षा के घेरे में 'राजश्री' और 'स्वीटी सुपारी' का तड़का!
इस कथित किराना दुकान में रोजमर्रा के सामान की आड़ में जो बिक रहा है, उसने हर किसी के होश उड़ा दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक, यहां राजश्री गुटखा और स्वीटी सुपारी जैसी नशीली सामग्रियां धड़ल्ले से बेची जा रही हैं।अब सबसे बड़ा और गंभीर सवाल यह उठता है कि:एक बालिका छात्रावास के भीतर गुटखा और सुपारी जैसी सामग्रियां आखिर किसके लिए मंगवाई जा रही हैं?यह प्रतिबंधित और नशीला सामान किसे बेचा जा रहा है?क्या यह सब छात्रावास प्रबंधन की नाक के नीचे उनकी मर्जी से हो रहा है?

