अंधेरे में डूबा झांसी-खजुराहो फोरलेन: एनएच-39 पर डेरा जमाए मवेशियों और बंद स्ट्रीट लाइटों से रोज हो रहे भीषण हादसे, एनएचएआई मौनछतरपुर। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की अनदेखी के चलते झांसी-खजुराहो फोरलेन इन दिनों वाहन चालकों और राहगीरों के लिए हादसों का डेंजर जोन बन चुका है। मार्ग पर बने विभिन्न पुलों और ओवरब्रिजों पर लगाई गई स्ट्रीट लाइटें रखरखाव के अभाव में महीनों से शो-पीस बनकर बंद पड़ी हैं, जिससे रात होते ही समूचे हाईवे पर घाप अंधेरा छा जाता है।
इसी अंधेरे के बीच दर्जनों आवारा मवेशी सड़क के बीचों-बीच डेरा जमाकर बैठ जाते हैं। तेज रफ्तार में दौड़ते वाहनों को अंधेरे में मवेशी नजर नहीं आते, जिससे अचानक ब्रेक लगाने पर गाडिय़ां अनियंत्रित होकर पलट रही हैं या मवेशियों से टकरा रही हैं। इन निरंतर हो रहे भीषण हादसों में जहां बेजुबान मवेशी अकाल मौत का शिकार हो रहे हैं, वहीं कई वाहन चालक व राहगीर अपनी जान गंवा चुके हैं और दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल होकर अस्पतालों में भर्ती हैं।
विशेष रूप से छतरपुर जिले के ब्रजपुरा, कदारी, बसारी, गंज और देवगांव के समीप स्थिति सबसे अधिक भयावह और जानलेवा बनी हुई है, जहां दिन-रात मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है और हर दूसरे-तीसरे दिन बड़ा हादसा सामने आ रहा है। सब कुछ जानकर भी एनएचएआई और संबंधित जिम्मेदार विभाग पूरी तरह मौन साधे बैठे हैं, न तो लाइटों की मरम्मत कराई जा रही है और न ही मवेशियों को हटाने की कोई ठोस व्यवस्था की जा रही है।
हाईवे पर लगातार बढ़ रहे हादसों को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और नियमित वाहन चालकों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। नागरिकों ने जिला प्रशासन व हाईवे अथॉरिटी से पुरजोर मांग की है कि फोरलेन पर बंद पड़ी सभी स्ट्रीट लाइटों को अविलंब दुरुस्त कराया जाए तथा हाईवे पर बैठे बेसहारा मवेशियों को सुरक्षित नजदीकी गौशालाओं में पहुंचाने का विशेष अभियान चलाया जाए, ताकि रोज हो रही जनहानि पर विराम लग सके।

