छतरपुर। जिले के गढ़ीमलहरा थाना प्रभारी रीता सिंह के खिलाफ 21 जुलाई को हुए प्रदर्शन को लेकर मामला अब नया मोड़ लेता नजर आ रहा है। एक ओर प्रदर्शनकारियों ने टीआई पर वसूली, अपराधियों को संरक्षण देने और निष्पक्ष कार्रवाई न करने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर जांच की मांग की है, वहीं दूसरी ओर अब यह दावा भी सामने आया है कि प्रदर्शन में गढ़ीमलहरा क्षेत्र के लोगों की अपेक्षा अन्य थाना क्षेत्रों से आए लोगों की संख्या अधिक थी। सूत्रों के अनुसार प्रदर्शन को बड़ा स्वरूप देने के लिए कुछ संगठनों का सहयोग लिया गया तथा थाना प्रभारी पर दबाव बनाने की कोशिश की गई। इस बीच घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज भी सामने आने की बात कही जा रही है।
टीआई रीता सिंह ने पूरे मामले पर अपना पक्ष रखते हुए बताया कि 18 जुलाई को सूचना मिली थी कि टोल प्लाजा पर 15-20 युवक हंगामा कर रहे हैं। पुलिस मौके पर पहुंची और सभी को समझाइश देकर थाने बुलाया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार महोबा रोड पर एक ट्राला से गाय की टक्कर होने के बाद कुछ युवक संबंधित वाहन को रोकने की मांग कर रहे थे। टोल कर्मचारियों ने नियमों का हवाला देते हुए वाहन न रोक पाने की बात कही, जिसके बाद विवाद की स्थिति बनी। युवकों ने टोल कर्मचारियों पर वाहन छोडऩे और बाद में अपने अपहरण का आरोप लगाया, जबकि टीआई का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज में ऐसी कोई घटना सामने नहीं आई। उन्होंने बताया कि टोल प्रबंधन ने भी युवकों के खिलाफ आवेदन दिया है, जिसकी जांच जारी है।इधर मंगलवार को प्रदर्शनकारी पहले गढ़ीमलहरा के अटल सभागार में एकत्र हुए और बाद में पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर नगर सीएसपी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में टीआई रीता सिंह के कार्यकाल की निष्पक्ष जांच कराने और लगाए गए आरोपों पर कार्रवाई की मांग की गई। नगर सीएसपी ने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि आवेदन में लगाए गए सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

