छतरपुर। दिल्ली में चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर मंगलवार को छतरपुर में युवाओं ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित जनसुनवाई के बाहर प्रदर्शन किया। तेज बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर डटे रहे और कलेक्टर से मुलाकात कर अपनी बात रखने पर अड़े रहे। हालांकि कलेक्टर से मुलाकात नहीं हो सकी, जिसके बाद एडीएम विनय द्विवेदी प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे और उनकी मांगों को सुनकर ज्ञापन पर चर्चा की। अधिकारियों से आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हर्षवर्धन शुक्ला ने कहा कि वे लगातार दूसरे दिन कलेक्टर से मिलने पहुंचे हैं, लेकिन उनसे मुलाकात नहीं हो पा रही थी। उनका कहना था कि सोमवार को भी वे अपनी मांगों को लेकर आए थे और मंगलवार को भी कलेक्टर के समक्ष अपनी बात रखने के उद्देश्य से पहुंचे।
प्रदर्शनकारी मयंक शुक्ला ने कहा कि नीट पेपर लीक प्रकरण से जुड़े विद्यार्थियों की आत्महत्या की घटनाएं अत्यंत दुखद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा जबरन अस्पताल ले जाया गया, जबकि जंतर-मंतर पर उनके साथी शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगे, परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार किया जाए, छात्रों के साथ कथित दमनात्मक रवैया बंद हो तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें।
वरुण पांचाल ने कहा कि सोमवार को भी इन्हीं मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित लाठीचार्ज की घटना के विरोध में मंगलवार को फिर से प्रदर्शन किया गया। उन्होंने बताया कि कलेक्टर से मिलने का समय मिलने की जानकारी पर सभी युवा कलेक्ट्रेट पहुंचे थे ताकि अपनी मांगें सीधे प्रशासन के समक्ष रख सकें।
प्रदर्शन के दौरान बारिश के बावजूद युवाओं ने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को दोहराया। बाद में एडीएम विनय द्विवेदी ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से चर्चा की और उनकी बात सुनने के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।

