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बिजली विभाग के खिलाफ फूटा जनआक्रोश, हजारों लोगों ने निकाली रैली

महाराजपुर। नगर महाराजपुर में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली के खिलाफ बुधवार को जनता का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। 13 मई 2026 को कुसमा रामलीला मैदान से हजारों की संख्या में महिलाएं, पुरुष और युवा एकत्रित होकर तहसील कार्यालय पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री के नाम 6 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया। तपती धूप में निकली इस विशाल रैली में लोगों ने बिजली विभाग होश में आओ, स्मार्ट मीटर बंद करो और भ्रष्टाचार बंद करो जैसे नारे लगाकर विरोध प्रदर्शन किया।प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि बिजली विभाग के अधिकारी जनता को प्रताडि़त कर रहे हैं और मनमाने बिजली बिल थोपकर गरीब एवं मध्यम वर्गीय परिवारों की कमर तोड़ रहे हैं। लोगों ने कहा कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल कई गुना बढ़ गए हैं, जिससे आम नागरिक आर्थिक और मानसिक तनाव में जीने को मजबूर हैं।

6 सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन में मांग की कि नगर में जगह-जगह बिखरे बिजली तारों को व्यवस्थित किया जाए। मनमाने ढंग से हो रही बिजली कटौती बंद की जाए, क्योंकि इससे बच्चों की पढ़ाई और व्यापार दोनों प्रभावित हो रहे हैं। परिवार विभाजन के बाद नए बिजली कनेक्शन देने में हो रही परेशानी दूर की जाए। इसके अलावा दूषित पेयजल आपूर्ति रोकने, समय पर वाटर सप्लाई सुनिश्चित करने, पान कृषकों और किसानों को अनावश्यक बिजली कटौती एवं भारी बिलों से राहत देने की मांग भी की गई।
पहले 300 का बिल आता था, अब 12 हजार भेज रहे
स्मार्ट मीटर को लेकर जनता में सबसे ज्यादा नाराजगी देखने को मिली। प्रदर्शन में शामिल सुमित्रा ने बताया कि पहले उनका बिजली बिल 200 रुपये तक आता था, लेकिन अब एक महीने का 12 हजार रुपये का बिल भेज दिया गया। वहीं लल्लाबाई अनुरागी ने कहा कि पहले 300 रुपये का बिल आता था, अब 7 हजार रुपये का बिल दिया जा रहा है। अभय सोनी के घर 44 हजार रुपये का बिल आने की बात भी सामने आई। लोगों का आरोप था कि विभाग शिकायत सुनने के बजाय उपभोक्ताओं को धमकाने का काम कर रहा है।
10 हजार दो, नहीं तो 25 हजार का चालान
प्रदर्शन में शामिल हृदेश चौरसिया ने आरोप लगाया कि उनके घर का बिना वजह चालान काट दिया गया। शिकायत करने पर एक कथित दलाल उनके पास पहुंचा और 10 हजार रुपये देकर मामला खत्म करने की बात कही। पैसा देने से मना करने पर 25 हजार रुपये का चालान थमा दिया गया। इस आरोप के बाद प्रदर्शनकारियों में भारी आक्रोश देखने को मिला। लोगों ने विभाग में दलालों के सक्रिय होने और गरीबों से वसूली करने के आरोप लगाए।
जनता परेशान, अधिकारी मौज में
राजेंद्र प्रसाद साहू ने आरोप लगाया कि विभाग ने उनके कुएं से मोटर जब्त कर ली और बाद में 17 हजार रुपये जमा कराने के बाद मोटर छोड़ी गई। उन्होंने कहा कि उनके बेटे का नाम भी मामले में जोड़ दिया गया, जबकि वह दिल्ली में नौकरी करता है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि विभागीय कार्रवाई नियमों के बजाय दबाव और मनमर्जी से की जा रही है तथा आम जनता को अपराधी की तरह व्यवहार झेलना पड़ रहा है।
ओआईसी को हटाने की मांग
प्रदर्शन के दौरान ओआईसी औरंगजेब मिर्जा पर भी गंभीर आरोप लगाए गए। लोगों ने उन पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने और जनता के साथ अभद्र व्यवहार करने के आरोप लगाए। मंच से चेतावनी दी गई कि यदि एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई नहीं हुई और संबंधित अधिकारी को नहीं हटाया गया तो नगर की जनता उग्र आंदोलन करेगी।

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