छतरपुर। सागर संभाग के पुलिस महानिरीक्षक मिथिलेश शुक्ला ने रविवार को छतरपुर जिला पुलिस की विस्तृत समीक्षा बैठक ली। पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान आईजी का कड़ा तेवर देखने को मिला, जहाँ उन्होंने पेंडिंग अपराधों और कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर कई थाना प्रभारियों को जमकर फटकार लगाई। बैठक में डीआईजी विजय खत्री, पुलिस अधीक्षक अगम जैन और एडिशनल एसपी आदित्य पटेल मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
लापरवाही पर सख्त चेतावनी: गलती के आधार पर तय होगी सजा-
समीक्षा बैठक के दौरान आईजी मिथिलेश शुक्ला ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को दो टूक शब्दों में सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब जिले में जिसकी जैसी गलती, वैसी उस पर कार्रवाई का सिद्धांत लागू होगा। उन्होंने थाना प्रभारियों को सचेत किया कि यदि उनके कार्यक्षेत्र में कोई भी अनर्गल गतिविधि या अपराध होता है और उसमें पुलिस की लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित प्रभारी को बख्शा नहीं जाएगा। आईजी ने प्रभारियों को अपने इलाकों में सक्रियता बढ़ाने और जनता के बीच पुलिस का विश्वास बहाल करने के निर्देश दिए।
अपराध नियंत्रण और पेंडिंग केसों पर जोर-
आईजी ने बैठक में एक-एक कर सभी थानों के लंबित मामलों, वारंट तामीली और गंभीर अपराधों की समीक्षा की। जिन थानों में केसों के निराकरण की गति धीमी पाई गई, वहां के प्रभारियों को उन्होंने तत्काल कार्यप्रणाली सुधारने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि पुलिस का काम केवल शिकायत दर्ज करना नहीं, बल्कि समय सीमा के भीतर पीडि़त को न्याय दिलाना और अपराधियों में कानून का खौफ पैदा करना है।
यूटिलिटी सेंटर का शुभारंभ-
बैठक के साथ ही आईजी मिथिलेश शुक्ला ने पुलिस लाइन परिसर में नवनिर्मित यूटिलिटी सेंटर का विधिवत शुभारंभ किया। यह सेंटर पुलिस परिवार और जवानों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इस दौरान पुलिस अधीक्षक अगम जैन ने जिले में चल रहे विभिन्न अभियानों और सुरक्षा इंतजामों के बारे में आईजी को विस्तृत जानकारी दी। आईजी के इस दौरे और कड़े निर्देशों के बाद अब जिला पुलिस महकमे में हड़कंप का माहौल है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में पुलिसिंग में बड़ी कसावट देखने को मिलेगी।
आईजी ने बैठक में एक-एक कर सभी थानों के लंबित मामलों, वारंट तामीली और गंभीर अपराधों की समीक्षा की। जिन थानों में केसों के निराकरण की गति धीमी पाई गई, वहां के प्रभारियों को उन्होंने तत्काल कार्यप्रणाली सुधारने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि पुलिस का काम केवल शिकायत दर्ज करना नहीं, बल्कि समय सीमा के भीतर पीडि़त को न्याय दिलाना और अपराधियों में कानून का खौफ पैदा करना है।
यूटिलिटी सेंटर का शुभारंभ-
बैठक के साथ ही आईजी मिथिलेश शुक्ला ने पुलिस लाइन परिसर में नवनिर्मित यूटिलिटी सेंटर का विधिवत शुभारंभ किया। यह सेंटर पुलिस परिवार और जवानों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इस दौरान पुलिस अधीक्षक अगम जैन ने जिले में चल रहे विभिन्न अभियानों और सुरक्षा इंतजामों के बारे में आईजी को विस्तृत जानकारी दी। आईजी के इस दौरे और कड़े निर्देशों के बाद अब जिला पुलिस महकमे में हड़कंप का माहौल है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में पुलिसिंग में बड़ी कसावट देखने को मिलेगी।


