छतरपुर। जिले की छतरपुर तहसील अंतर्गत ग्राम कैंडी में अवैध शराब का कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है। हैरानी की बात यह है कि इस गंभीर मामले की शिकायत गांव के सैकड़ों लोग एवं सरपंच द्वारा कई बार की जा चुकी है, लेकिन अब तक न तो पुलिस प्रशासन और न ही आबकारी विभाग ने कोई ठोस कार्रवाई की है।
ग्रामीणों के अनुसार, सरकारी प्राथमिक स्कूल से महज 5 कदम की दूरी पर अवैध शराब बेची जा रही है, जिससे बच्चों के भविष्य पर खतरा मंडरा रहा है। स्कूल के पास इस तरह की गतिविधियों से माहौल बिगड़ता जा रहा है और अभिभावकों में भारी चिंता व्याप्त है।
|| आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पर गंभीर आरोप||
गांव में पदस्थ आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सुनीता शिवहरे पर भी अवैध शराब बेचने का आरोप लगा है। इतना ही नहीं, वह बच्चों के पोषण आहार समूह का संचालन भी कर रही हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि इस प्रकार के गंभीर आरोपों के बावजूद उन्हें जिम्मेदारी कैसे सौंपी गई और अब तक जांच क्यों नहीं की गई।
|| कई बार शिकायत, फिर भी कार्रवाई शून्य||
सरपंच धर्मदास प्रजापति ने बताया कि सैकड़ों ग्रामीणों के साथ एसपी कार्यालय में लिखित शिकायत दी गई थी। इसके अलावा कई बार पुलिस को फोन कर सूचना दी गई, जिसकी रिकॉर्डिंग भी मौजूद है। बावजूद इसके, पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई।
|| गांव में दहशत का माहौल||
ग्रामीणों—कालीचरण अहिरवार, शिवम अहिरवार, विनोद अहिरवार, पप्पू अहिरवार, कुंजी अहिरवार, सुमन अहिरवार, प्रभु अहिरवार, दीपचंद अहिरवार सहित अन्य लोगों का कहना है कि शराबियों के कारण आए दिन गाली-गलौज और झगड़े होते रहते हैं। महिलाओं और बच्चों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है, जिससे पूरे गांव में भय का वातावरण बना हुआ है।
|| संगठित नेटवर्क का शक||
सूत्रों के अनुसार, क्षेत्र में अवैध शराब की सप्लाई करने वाला नेटवर्क काफी सक्रिय और संगठित है, जो लगातार इस धंधे को बढ़ावा दे रहा है।
|| बड़ा सवाल||
अब सवाल यह उठता है कि इस पूरे मामले में जिम्मेदार विभाग कब तक मौन रहेगा? क्या इस खुलासे के बाद पुलिस और आबकारी विभाग कार्रवाई करेंगे या यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा? ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द अवैध शराब की दुकान को बंद कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि गांव का माहौल सुरक्षित और स्वस्थ बन सके।

