राघव भास्कर,छतरपुर। जिले के महाराजपुर नगर पालिका क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति की बदहाल व्यवस्था अब एक खतरनाक रूप लेती नजर आ रही है। वार्ड क्रमांक 11 के खड़िया मोहल्ला में नल से सांप निकलने की घटना सामने आने के बाद पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है।बताया जा रहा है कि सुबह जब घरों में पानी की सप्लाई शुरू हुई, तभी एक घर के नल से पानी के साथ सांप निकल आया। इस घटना के बाद स्थानीय लोग भयभीत हो गए। मोहल्लेवासियों का कहना है कि पिछले कई दिनों से नलों में गंदा और कीचड़युक्त पानी आ रहा था, जिसकी शिकायत भी कई बार की गई, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया।
वीडियो बनाकर कलेक्टर को भेजी शिकायत
घटना का वीडियो बनाकर वार्डवासियों ने छतरपुर कलेक्टर को व्हाट्सएप के माध्यम से भेजा है और तत्काल जांच व कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यह सीधे-सीधे उनकी जान के साथ खिलवाड़ है।जानकारी के मुताबिक, नगर पालिका महाराजपुर की जल आपूर्ति प्रणाली दशकों पुरानी है। पहले लोहऊ के पुल के पास स्थित कुएं से पानी लेकर टंकी में शुद्धिकरण के बाद सप्लाई किया जाता था, लेकिन 2005–10 के बाद व्यवस्था में बदलाव कर सीधे तालाब और डकवेल से पानी सप्लाई किया जा रहा है।वहीं, पुरानी पाइपलाइन कुम्हार नदी में लंबे समय से टूटी पड़ी है, जिससे जल स्रोत और वितरण प्रणाली में गंभीर खामियां बनी हुई हैं।
राजस्व वसूली जारी, सफाई और जांच नहीं
नगर पालिका करीब 1900–2000 उपभोक्ताओं को नल कनेक्शन देती है, लेकिन रजिस्टर में कम कनेक्शन दिखाए जाते हैं। प्रति कनेक्शन शुल्क व जुर्माने के जरिए लाखों-करोड़ों की वसूली होने के बावजूद पानी की गुणवत्ता जांच और टंकियों की नियमित सफाई नहीं हो रही है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायत होने पर केवल दिखावे के लिए अस्थायी सफाई कर दी जाती है।गर्मियों में टैंकरों से पानी सप्लाई के नाम पर भारी खर्च किया जाता है, लेकिन इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और नियमित ऑडिट का अभाव बताया जा रहा है। इससे भ्रष्टाचार की आशंका भी जताई जा रही है।
प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल
नगर पालिका के मुख्य अधिकारी का नियमित रूप से उपस्थित न रहना और जल आपूर्ति शाखा में विशेषज्ञता की कमी भी समस्या को बढ़ा रही है। अलग-अलग सेक्शन में अनियमित जल वितरण के कारण स्थिति और जटिल हो गई है।स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, नगर विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही पानी के सैंपल की लैब जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की जा रही है।नल से सांप निकलने की यह घटना न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अगर समय रहते जल व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो यह समस्या जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।

