सरबई - विधानसभा क्षेत्र चंदला अन्तर्गत जनपद पंचायत गौरिहार के सरबई ,गोयरा थाना अंतर्गत क्षेत्र में इन दिनों अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस पूरे खेल में प्रशासन की कथित मिलीभगत सामने आ रही है, जिसके चलते रोजाना करीब हजारों ओवरलोड ट्रक , हाइवा ट्रैक्टर-ट्रॉली द्वारा रेत का परिवहन बेखौफ तरीके से किया जा रहा है।ग्रामीणों का आरोप है कि यह अवैध गतिविधि दिन-रात बिना किसी रोक-टोक के जारी है, जबकि जिम्मेदार विभाग पूरी तरह मूकदर्शक बना हुआ है। सबसे गंभीर आरोप यह है कि प्रशासन द्वारा प्रति ट्रैक्टर-ट्रॉली 200 रुपए की वसूली की जा रही है। पैसा देने के बाद वाहन तहसील थाना के सामने से आसानी से निकल जाते हैं, लेकिन भुगतान न करने पर चालकों को रोकने या कार्रवाई की धमकी दी जाती है।लगातार हो रहे इस अवैध उत्खनन से पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है। नदी किनारों पर गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे भविष्य में हादसों का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।कई बार जन हानि भी हो चुकी है। पिछले वर्ष धौरारा के केवट समाज के लड़के की डूबने से मौत हो गई थी।गौरतलब है कि अभी कुछ दिन पहले ही रामपुर घाट केन नदी में लिफ्टर के गड्ढों में दो बच्चियों की मौत हो चुकी है। मौत होने की खबरें प्रकाशित होने पर जिला प्रशासन खानापूर्ति करने रामपुर घाट पर आया और औपचारिकता पूरी करते हुए चला गया लेकिन रामपुर घाट की चंद दूरी पर बारीखेरा में लिफ्टर चलती रही और खनिज विभाग जिला प्रशासन वापस चला गया।
लिफ्टरों से क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन का काला कारोबार, प्रशासन पर मिलीभगत के आरोप
4/10/2026 10:10:00 pm
गौरतलब है कि केन नदी रामपुर घाट, बारीखेरा, हाजीपुर,बछेडाखेरा नाव घाट, महुआकछार, बारबंद में खंड चार,अजीतपुर, घोषी के पास,धौरारा,चुकेहटा,नेहरा घाटों पर लिफ्टर बीच नदी में रात दिन चलती है ।जिससे बड़ी बड़ी अथाह दहारें हैं । जिसमें पूर्व में भी डूबने से कई मौतें हो चुकी है। लेकिन जिम्मेदार प्रशासन की मिलीभगत से खानापूर्ति दिखावा कर दिया जाता है और मामला शांत कराया जाता है।
गौरतलब है कि लिफ्टर से जल में रह रहे अनगिनत जलीय जीवों का पतन हो रहा है, पर्यावरण को नुक्सान हो रहा है,जल स्तर बहुत तेज गति से नीचे जा रहा है।
अब सवाल यह उठता है कि चंदला विधानसभा क्षेत्र से विधायक एवं वन पर्यावरण राज्यमंत्री भी है और उनके क्षेत्र में अंधाधुंध अवैध उत्खनन चल रहा है और उनके नजदीकी और भाजपा पदाधिकारियों का यह रेत का खेल चल रहा है ।आखिर कब तक यह अवैध खेल यूं ही चलता रहेगा और जिम्मेदार अधिकारी कब तक मूकदर्शक बने रहेंगे ।

