शोभित शाह
राघव भास्कर, बकस्वाहा। जनपद की ग्राम पंचायत सेडारा में विकास कार्यों को लेकर गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सचिव ज्ञान चंद्र अहिरवार और सरपंच गोदाबाई यादव की मिलीभगत से फर्जी बिल लगाकर शासकीय राशि निकाली जा रही है, जबकि जमीनी स्तर पर कार्य अधूरे और घटिया गुणवत्ता के नजर आ रहे हैं।
गांव में बनाए गए दो सार्वजनिक शौचालयों की हालत बेहद खराब है। वहां न तो नियमित साफ-सफाई होती है और न ही वे उपयोग के योग्य हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं हनुमान मंदिर के पास नाली निर्माण अधूरा पड़ा है, जिसके कारण गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है और मंदिर परिसर के आसपास जलभराव की स्थिति बनी रहती है।
ग्रामीणों के अनुसार करीब चार महीने पहले सड़क निर्माण के नाम पर केवल गिट्टी डालकर काम अधूरा छोड़ दिया गया, जो आज तक जस की तस पड़ी है। इसके आगे एक टूटी हुई पुलिया है, जो कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पूरे गांव में जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे लोगों का सड़कों पर चलना तक मुश्किल हो गया है। उनका कहना है कि केवल कागजों में विकास कार्य दिखाकर राशि निकाली जा रही है, जबकि हकीकत में कोई ठोस काम नहीं हो रहा। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने और अधूरे कार्यों को शीघ्र पूरा कराने की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार करीब चार महीने पहले सड़क निर्माण के नाम पर केवल गिट्टी डालकर काम अधूरा छोड़ दिया गया, जो आज तक जस की तस पड़ी है। इसके आगे एक टूटी हुई पुलिया है, जो कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पूरे गांव में जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे लोगों का सड़कों पर चलना तक मुश्किल हो गया है। उनका कहना है कि केवल कागजों में विकास कार्य दिखाकर राशि निकाली जा रही है, जबकि हकीकत में कोई ठोस काम नहीं हो रहा। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने और अधूरे कार्यों को शीघ्र पूरा कराने की मांग की है।

