अभिषेक जड़िया
राघव भास्कर,छतरपुर। विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच ईशानगर की वार्ड क्रमांक 20 की जमीनी हकीकत बेहद चिंताजनक बनी हुई है। यहां के ग्रामीण आज भी नाली और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं, जबकि पंचायत पर अनदेखी, भेदभाव और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लग रहे हैं।
वार्ड 20, जो मुख्य रूप से हरिजन बस्ती है, में दो दर्जन से अधिक ग्रामीण अपनी समस्याओं को लेकर हाल ही में पंचायत कार्यालय पहुंचे, लेकिन वहां न सरपंच निधि मिश्रा मौजूद मिलीं और न ही सचिव संतोष शुक्ला। ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच केवल कार्यक्रमों और फोटो सेशन्स तक सीमित रह गई हैं, जबकि सचिव का ध्यान विकास कार्यों के बजाय फर्जी बिलों के जरिए भुगतान कराने में ज्यादा लगा हुआ है।ग्रामीणों के अनुसार वार्ड 20 को जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है। बीते वर्ष बारिश के दौरान यहां कई घरों में पानी भर गया था, लेकिन आज तक न तो नाली का निर्माण हुआ है और न ही सड़क बन पाई है। इसके उलट अन्य वार्डों में विकास कार्य तेजी से कराए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों में भेदभाव की भावना मजबूत हो रही है। स्थिति और गंभीर तब हो जाती है जब वार्ड के कई इलाकों में अवैध चबूतरों और अतिक्रमण के कारण रास्ते बेहद संकरे हो गए हैं। इससे लोगों का आना-जाना मुश्किल हो रहा है और रोजाना हादसे की आशंका बनी रहती है।ग्रामीणों ने पंचायत में हो रहे कथित भ्रष्टाचार का भी खुलासा किया। उन्होंने बताया कि कचरा वाहनों में डीजल के नाम पर फर्जी बिल और वाउचर तक वायरल हो चुके हैं, फिर भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। वार्डवासियों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ रहा है। उनका साफ कहना है कि यदि जल्द ही नाली-सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया और अवैध अतिक्रमण नहीं हटाए गए, तो सैकड़ों लोग एकजुट होकर छतरपुर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत करेंगे।

