ज्ञापन में परिषद ने आरोप लगाया कि महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था लंबे समय से प्रभावित है, जिससे छात्र-छात्राओं का भविष्य संकट में पड़ रहा है। कार्यकर्ताओं के अनुसार नियमित कक्षाएं संचालित नहीं हो रही हैं, कई विषयों के शिक्षक अनुपस्थित रहते हैं और विद्यार्थियों को उचित मार्गदर्शन नहीं मिल पा रहा है।
परिषद ने महाविद्यालय परिसर में साफ-सफाई की कमी, पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव, परीक्षा कार्यों में अनियमितता एवं शिक्षकों के समय पर न आने जैसी समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने इन सभी मुद्दों के शीघ्र समाधान की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
इस दौरान छात्रा निधि परिहार ने बॉटनी के प्रोफेसर नूरुलहसन खत्री पर अभद्र व्यवहार के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रोफेसर छात्राओं से ठीक से बात नहीं करते और उनके साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार करते हैं। छात्राओं ने मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रांत विद्यार्थी सेवा सह प्रमुख रोहन रावत, बड़ामलहरा भाग संयोजक राहुल प्रजापति, नगर मंत्री शिवम परिहार, स्स्नष्ठ प्रमुख निधि परिहार, विद्यालय अध्यक्ष सत्यम राजपूत, महाविद्यालय मंत्री रोहित आठ्या, रक्षा पाटकर, प्रियंका अहिरवार, काजल प्रजापति सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे। अंत में परिषद ने प्रशासन से मांग की कि छात्रों के हित में तत्काल ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि महाविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित हो सके।

