छतरपुर।
तहसील परिसर में गुरूवार दोपहर एक महिला द्वारा वस्त्र उतारकर साड़ी से
फांसी का फंदा बनाकर आत्महत्या का प्रयास किए जाने से हड़कंप मच गया। करीब
30 मिनट तक चले इस हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद प्रशासन और पुलिस मौके पर
पहुंची और महिला को समझाइश देकर शांत कराया गया।
देरी गांव निवासी प्रभा
यादव पति चतुर यादव ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत धोरी के जेयपुर
(जनकपुर) में उनके पति चतुर यादव के खसरा नंबर 378/1/2 की डेढ़ एकड़ निजी
जमीन से लगी लगभग 1.25 एकड़ शासकीय भूमि पर उनका कब्जा है, लेकिन पटवारी और
बाबुओं ने कथित रूप से इस जमीन में से आधा एकड़ हिस्से को प्राइवेट नाम पर
दर्ज कर दिया है। साथ ही उनके परिवार के प्रतिपाल यादव और भन्तु यादव आए
दिन इस मामले को लेकर विवाद तथा मारपीट करते हैं। महिला का कहना है कि वह
पिछले 7 वर्षों से तहसील और जनप्रतिनिधियों के चक्कर काट रही है, लेकिन उसे
न्याय नहीं मिल रहा है।
वर्तमान में मौजा में पदस्थ पटवारी सौरभ शर्मा
पर भी महिला ने गंभीर आरोप लगाए। इस हंगामे की सूचना मिलते ही एसडीएम अखिल
राठौर और तहसीलदार पीयूष दीक्षित मौके पर पहुंचे और थाना कोतवाली को सूचित
किया।
एसडीएम अखिल राठौर ने बताया कि प्रभा यादव की निजी जमीन जैयपुर
मौजा में है, लेकिन जिस भूमि पर वह कब्जे के आधार पर पट्टा और भू-स्वामी
अधिकार की मांग कर रही हैं, वह मध्य प्रदेश शासन की शासकीय भूमि है। खसरा
नंबर 380/6 रकबा 0.502 हे0 और खसरा नंबर 879 रकबा 0.118 हे0 शासकीय भूमि
है, जिस पर चतुर यादव द्वारा कब्जा किया गया है। न तो इस संबंध में कोई केस
एसडीएम कोर्ट में लंबित है और न ही महिला को कोई नोटिस जारी किया गया है।
मामले की जांच दस्तावेजों के आधार पर की जाएगी।
महिला ने बताया कि उसने
मुख्यमंत्री मोहन यादव के कार्यालय में भी मुलाकात की थी, जहां से उसे
आश्वासन मिला था। कलेक्टर द्वारा भी एसडीएम से मिलने को कहा गया था, लेकिन
अब तक उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है। महिला का आरोप है कि शासकीय जमीन
की नपती गलत की गई है और आधा एकड़ भूमि गलत तरीके से निजी नाम पर दर्ज कर
दी गई है। महिला पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया और महिला
को समझाकर तहसील परिसर से हटाया।

