फर्जी बलात्कार केस में फंसाने की धमकी देकर कारोबारियों से लाखों की उगाही, महिला सहित चार गिरफ्तार, मास्टरमाइंड दरोगा फरार
अमरोहा। जिले के गजरौला थाना क्षेत्र में खाकी की आड़ में चल रहे एक संगठित वसूली गैंग का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। फर्जी बलात्कार के मामले में फंसाने की धमकी देकर बड़े-बड़े कारोबारियों से लाखों रुपये ऐंठने वाले गिरोह की एक महिला समेत चार लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस पूरे खेल का मुख्य सरगना हापुड़ जिले के सिंभावली थाने में तैनात दरोगा नितिन कुमार वर्मा बताया जा रहा है, जो फिलहाल फरार है।
ऐसे रचा गया था वसूली का जाल
पुलिस जांच में सामने आया है कि दरोगा नितिन कुमार वर्मा के प्लान के तहत एक महिला प्रॉपर्टी दिखाने के बहाने कारोबारियों को बुलाती थी। इसके बाद वह उन्हें एक निजी प्लॉट पर ले जाकर जबरन वीडियो बनवाती और अचानक “बचाओ-बचाओ” की आवाज लगाकर आसपास के लोगों को इकट्ठा कर लेती थी। फिर कारोबारी पर जबरन बलात्कार का आरोप लगाकर उसे फंसाने की धमकी दी जाती थी।
प्लान-बी में होती थी ‘सिंघम’ दरोगा की एंट्री
इसके बाद प्लान-बी के तहत दरोगा नितिन कुमार वर्मा की एंट्री होती थी। वह कथित पीड़ित को अपनी निजी कार में बैठाकर सुनसान जगह ले जाता और पुलिस कार्रवाई का डर दिखाकर लाखों रुपये की वसूली करता था। रकम ऐंठने के बाद पीड़ित को छोड़ दिया जाता था।
कप्तान तक पहुंची शिकायत, ASP को सौंपी गई जांच
एक पीड़ित कारोबारी किसी तरह गिरोह के चंगुल से छूटने के बाद सीधे जिले के पुलिस कप्तान के पास पहुंचा और पूरी घटना की शिकायत की। कप्तान ने मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) को सौंपी। जांच में आरोप सही पाए गए।
गिरफ्तारी में हुआ बड़ा खुलासा
पुलिस ने आरोप लगाने वाली महिला और चार दलालों को गिरफ्तार कर सख्ती से पूछताछ की। पूछताछ में सभी ने हापुड़ जिले के सिंभावली थाने में तैनात दरोगा नितिन कुमार वर्मा का नाम लिया। महिला ने दरोगा को ही इस पूरे वसूली कांड का मास्टरमाइंड बताया और स्वीकार किया कि वह उसके साथ मिलकर अमरोहा में वसूली करने आई थी।
दरोगा पर मुकदमा, गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित
पुलिस ने फरार दरोगा नितिन कुमार वर्मा के खिलाफ भी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर दी गई हैं और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है और आशंका जताई जा रही है कि इस गिरोह ने पहले भी कई कारोबारियों को अपना शिकार बनाया हो सकता है।

