पन्ना जिला अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर पर सरकारी भवन में प्राइवेट क्लिनिक चलाने के आरोप, लोगों में आक्रोश
12/05/2025 11:18:00 am
पन्ना। जिला अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर एस.पी. शाक्यवार पर सरकारी नियमों की अनदेखी और शासकीय भवन के दुरुपयोग के गंभीर आरोप सामने आए हैं। जानकारी के अनुसार, डॉक्टर शाक्यवार का 16 जून 2025 को लवकुशनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से पन्ना जिला अस्पताल में स्थानांतरण हुआ था। इसके बावजूद वे हर सप्ताह तीन दिन लवकुशनगर स्थित शासकीय अस्पताल भवन में बैठकर निजी क्लिनिक संचालित कर रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने शिकायत की है कि डॉक्टर मरीजों से 200 रुपये तक की फीस वसूलते हैं और महंगी एमआर व जेनरिक दवाएं लिखते हैं, जिनसे मरीजों का कुल खर्च 3 से 4 हजार रुपये तक पहुंच जाता है। लोगों का कहना है कि सरकारी भवन में इस तरह निजी प्रैक्टिस करना नियम विरुद्ध है और आम मरीजों की जेब पर भारी बोझ डालता है।जिला स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा 10 अक्टूबर 2025 को डॉक्टर शाक्यवार को शासकीय भवन खाली करने का आदेश दिया गया था, लेकिन अब तक यह आदेश लागू नहीं हो पाया है। डॉक्टर के आदेश की अनदेखी करते हुए लगातार सरकारी भवन का उपयोग निजी क्लिनिक के रूप में करने को लेकर प्रशासन की कार्यवाही पर भी सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि डॉक्टर शाक्यवार सरकारी वेतन पूरे 30 दिन का लेते हैं, जबकि लवकुशनगर में केवल तीन दिन ही दिखाई देते हैं। इस कारण पन्ना जिला अस्पताल में मरीजों को पर्याप्त सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं।जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने स्वास्थ्य विभाग से तत्काल हस्तक्षेप कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि डॉक्टर को पन्ना जिला अस्पताल में नियमित ड्यूटी करने के लिए बाध्य किया जाए तथा शासकीय भवन में निजी क्लिनिक चलाने पर तुरंत रोक लगाई जाए। इस मामले में जब जिला स्वास्थ्य अधिकारी से संपर्क किया गया, तो उन्होंने जांच के निर्देश देने और आवश्यक कदम उठाने की बात कही। हालांकि अभी तक किसी भी प्रकार की ठोस कार्रवाई न होने से जनता में गहरा असंतोष फैल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे जिला प्रशासन के समक्ष ज्ञापन देकर आंदोलन की तैयारी करेंगे।

