लवकुश नगर, मध्य प्रदेश: लवकुश नगर में आवारा गौवंश की बढ़ती समस्या और गौशाला की कमी को लेकर कानून की पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) को सौंपा है, जिसमें नगर में एक भव्य गौशाला के निर्माण की मांग की गई है।
छात्र-छात्राओं ने ज्ञापन में इस बात पर जोर दिया है कि हिंदू धर्म में गाय को माता का दर्जा प्राप्त है और देवी-देवताओं के समान पूजा जाता है। इसके बावजूद, वर्तमान में बेसहारा गौवंश की स्थिति अत्यंत दयनीय और चिंताजनक है। नगर की सड़कों और वार्डों में सैकड़ों की संख्या में आवारा मवेशी घूमते रहते हैं, जो आए दिन सड़क दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं। इन दुर्घटनाओं में न केवल गौवंश गंभीर रूप से घायल होते हैं या मारे जाते हैं, बल्कि वाहन चालक भी घायल हो रहे हैं।
ज्ञापन सौंपने वाले छात्रों में से एक, नितिन रिछारिया ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि दस दिनों के भीतर इस समस्या का उचित समाधान नहीं निकाला गया और गौशाला निर्माण की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने पर विवश होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलन के तहत आवारा गौवंश को नगर परिषद कार्यालय में ले जाकर बांधा जाएगा।
छात्रों की इस पहल ने स्थानीय स्तर पर आवारा पशुओं की समस्या को एक बार फिर उजागर किया है और प्रशासन पर इस दिशा में त्वरित कार्रवाई करने का दबाव बनाया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस ज्ञापन पर क्या कदम उठाता है और लवकुश नगर वासियों को इस समस्या से कब तक निजात मिलती है।

