1 करोड़ 30 लाख की लागत से बनी बिल्डिंग में भारी भ्रष्टाचार की आशंका, एसडीएम ने की शिकायत
नौगांव। नगर को दो माह पहले एक बड़ी सौगात के रूप में नया एसडीएम कोर्ट भवन मिला था, जो बापू महाविद्यालय के चौराहे के पास करीब 1 करोड़ 30 लाख रुपये की लागत से तैयार किया गया था। इस भवन का लोकार्पण छतरपुर कलेक्टर पार्थ जायसवाल, महाराजपुर विधायक कामाख्या प्रताप सिंह, लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों और ठेकेदार की उपस्थिति में किया गया था। इसे नगर की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा था, लेकिन अब यह निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवालों के घेरे में आ गया है।
सूत्रों के मुताबिक, भवन में जगह-जगह दरारें पड़ गई हैं और छत से पानी टपक रहा है। बारिश के हालिया दौर ने भवन निर्माण की पोल खोल दी है। यह वही एसडीएम कोर्ट है, जिसमें नौगांव, हरपालपुर, महाराजपुर और गढ़ीमलहरा सहित 75 ग्राम पंचायतों का रिकॉर्ड रखा जाता है और न्यायिक कार्यवाही होती है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि जिस बिल्डिंग में करोड़ों खर्च किए गए, वह कुछ ही महीनों में जर्जर होती नजर आ रही है। जबकि महज़ कुछ कदमों की दूरी पर लोक निर्माण विभाग की भवन शाखा का कार्यालय मौजूद है, फिर भी निर्माण कार्य में अनियमितताएं होती रहीं और संबंधित अधिकारी चुप रहे।
निर्माण प्रक्रिया में तीसरे स्तर तक हुआ ठेका
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस भवन का ठेका नगर के राजू चतुर्वेदी को मिला था, लेकिन बाद में इसे पेटी कॉन्ट्रेक्ट के माध्यम से पलेरा के एक भाजपा नेता को दे दिया गया। नेताजी ने यह काम अपने रिश्तेदारों और उत्तर प्रदेश के बेलाताल निवासी कुछ लोगों को सौंप दिया। इस तरह जब तीसरी पार्टी तक निर्माण पहुंचा तो गुणवत्ता गिरना लाजिमी हो गया।
एसडीएम ने की शिकायत
जब इस मामले में नौगांव एसडीएम जीएस पटेल से बात की गई तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, मैंने आज ही कलेक्टर से शिकायत की है। बिल्डिंग बहुत ही घटिया तरीके से बनाई गई है। छत से पानी रिस रहा है और जगह-जगह दरारें पड़ चुकी हैं।