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नगर पालिका कर्मचारियों के कार्यनामों से दहशत में शहरवासी

नगर पालिका कर्मचारियों के कार्यनामों से दहशत में शहरवासी

 


दुकान आवंटित के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर लाखों वसूले, पीडि़त की शिकायत पर थाना कोतवाली में हुई एफआईआर दर्ज

छतरपुर। इन दिनों नगर पालिका परिषद छतरपुर विवादों की सुर्खियों में चल रही है। फर्जीबाड़े की एक बड़ी पोल खुल गई है। नपा के कर्मचारियों के कार्यनामों से शहर के नगरवासी दहशत में हो गए है। जिस प्रकार का मामला नपा का प्रकाश में आया है वह चौकाने वाला मामला है। हालांकि नपा प्रशासन इस मामले को संज्ञान में लेकर बारीकी से जांच करवा रही है। संविदा कर्मी एक कर्मचारी ने ऐसा काम किया है जिससे लोगों का नपा के ऊपर से विश्वास उठ गया है। हालांकि इस पूरे मामले में नपा के कई कर्मचारियों का शामिल होना बताया जा रहा है। फिरहाल पीडि़त की शिकायत पर थाना कोतवाली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है।
क्या है पूरा मामला-
नगर पालिका के एक संविदा श्रमिक के द्वारा नगर पालिका के स्वामित्व की दुकानें विक्रय करने और लोगों के नाम दुकान आवंटन कराने की गारंटी लेते हुए चार लोगों से 35 लाख 8 हजार रुपए की ठगी की है। जो राशि कर्मचारी के द्वारा दुकान विक्रय के नाम पर लोगों से ली गई उसके बदले में उन्हें नगर पालिका की रसीद और दुकान स्वीकृति का आदेश भी थमा दिया है। 
जिसमें नगर पालिका के बाबू और सीएमओ के हस्ताक्षर भी पाए गए है। लेकिन जब दुकान खरीदने वालों को संविदा कर्मचारी अमन खरे के द्वारा कुछ दिनों से गुमराह किया गया तो, उन्होंने इसकी जानकारी नगर पालिका कार्यालय जाकर की। जिस पर उन्हें पता चला कि, नगर पालिका ने इस तरीके से कोई दुकानें विक्रय नहीं की गई है। जबकि ठगी का शिकार हुए 4 लोग यह आस लगाकर बैठे थे कि उनके नाम से दुकान आवंटन की प्रक्रिया पूर्ण हो गई है। कुछ दिन बाद ही उन्हें नगर पालिका की दुकानों पर मालिकाना हक मिल जाएगा। वहीं जब इस मामले की जानकारी सीएमओ को लगी तो उन्होंने लोगों के पास जो रसीद और आदेश पाए गए उन्हें फर्जी बताया है।
इन दुकानों के नाम पर की वसूली-
नगर पालिका के स्वामित्व की तीन दुकानें छत्रसाल चौराहा से अदालत रोड पर स्थित है। जिसको अभी कुछ दिन पहले ही नगर पालिका के द्वारा बनवाया गया। इन दुकानों को बेचने के नाम पर राजस्व शाखा में संविदा कर्मचारी के पद पर पदस्थ अमन खरे के द्वारा चार लोगों को गुमराह करते हुए उनसे धीरे-धीरे कर 35 लाख 8 हजार की ठगी की गई है।

 इन चार मामलों मे एक ने सिटी कोतवाली थाने में आवेदन देकर अमन खरे के विरुद्ध मामला दर्ज कराया है। वहीं इन चार लोगों से ठगी करने वाला आरोपी पिछले कुछ दिनों से लापता है और उसके परिजनों ने थाना क्षेत्र में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई है।
गल्ला व्यापारी से 11 लाख 50 हजार वसूले-
पीडि़त गल्ला व्यापारी मनोज कुमार जैन ने बताया कि अमन खरे ने उन्हें नगरपालिका की दुकान विक्रय की बात कहते हुए 1 दुकान के लिए 16 लाख 50 रुपए नगर पालिका में जमा कराने की बात कही। इसके लिए आवेदक ने अपने रिश्ते की मामी पुष्पलता जैन के दस्तावेज दिए। साथ ही 3 लाख 50 हजार रुपए की राशि 19 सित बर और 25 सितंबर 2023 को नकद कैश के रूप में दो बार में कुल 7 लाख रुपए दिए गए। 

इसके कुछ दिन बाद अमन खरे बोला कि पुष्पलता जैन के नाम दुकान की रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है। जिस पर मेरे द्वारा अपनी पत्नी के दस्तावेज अमन खरे को दे दिए। उसके द्वारा दुकान आवंटन के नाम पर राशि मांगने पर 32 हजार 5 सौ रुपए 27 अप्रैल को, 2 लाख 68 हजार 5 सौ रुपए 21 जून को, 1 लाख 50 हजार रुपए 27 जून को नकद कैश दिए गए। रूपए प्रदान करते हुए अमन खरे का वीडिय़ों भी बनाया गया है।
दूसरे मामले में 7 लाख 75 हजार का फर्जीवाड़ा-
चौबे कॉलोनी निवासी ज्योति चौबे पति मुकेश चौबे के नाम से दुकान आवंटन कराने के नाम पर अमन खरे के द्वारा 7 लाख 75 हजार रुपए की ठगी की गई है। नगर पालिका के कर्मचारी अमन खरे ने नगर पालिका की दुकान ज्योति चौबे के नाम आवंटित कराने की गारंटी देते हुए उनसे दो बार में 7 लाख 75 हजार रुपए लिए गए। इसके बदले में उसने 16 जुलाई 2023 और 30 अप्रैल 2024 दिनांक वाली नगर पालिका की रसीद दी गई। जिसकी पुस्तक क्रमांक 1388 है और रसीद क्रमांक 33 और 85 है। 
उनके द्वारा जब इस संबंध में नगर पालिका से जानकारी लेना चाही तो पता चला कि उन्हें प्राप्त हुई सभी रसीद फर्जी है। जिस पर ज्योति चौबे ने नगर पालिका को आवेदन देकर दुकान आवंटन करने की मांग करते हुए आरोपी के विरूद्ध धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है। शिकायती आवेदन में नगर परिषद का बाबू ठाकुरदास अहिरवार का भी नाम शमिल है। जिसमें दस्तावेजों की जांच कर बसूली करवाता था।
गुप्ता परिवार से 8 लाख 8 हजार रुपए की वसूली-
चौक बाजार निवासी सुनील कुमार गुप्ता के नाम दुकान आवंटन कराने के नाम पर 8 लाख 8 हजार रुपए की ठगी हुई है। अमन खरे ने रुपए लेने के बाद रसीद भी सुनील गुप्ता को थमाई है। जिसमें दो रसीद साढ़े 3-3 लाख रुपए की और एक रसीद 1 लाख 8 हजार रुपए की दी गई। नामांतरण शुल्क राशि 250 रुपए की रसीद भी दी गई है। आवेदक ने बताया कि वह शेष राशि का भुगतान करने को भी तैयार है। उसे बताए अनुसार सर्किल क्रमांक 9 में स्थित नगर पालिका के स्वामित्व की दुकान क्रमांक 54 का आवंटन किया गया है। 


आवेदक ने नगर पालिका में आवेदन देकर आवंटित की गई दुकान पर कब्जा दिलाने की मांग की है। लेकिन नगर पालिका सीएमओ का कहना है कि, उनके द्वारा दुकान आवंटन की प्रक्रिया ही नहीं की गई है।
इनका कहना है-
इस संबंध में शिकायत आने के बाद अमन खरे की सेवाएं समाप्त कर दी गई है साथ ही मामले की जांच भी कराई जा रही है जो भी लोग दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही कराए जाने के लिए संबंधित थाना को आवेदन प्रेषित किया जाएगा।
माधुरी शर्मा, सीएमओ, छतरपुर
गल्ला व्यापारी मनोज कुमार जैन द्वारा शिकायती आवेदन दिया गया था। नपा की दुकान आवंटन के नाम पर बसूले गए रूपयों का वीडिय़ों भी प्रकाश में आया है। वीडिय़ों और पीडि़त की शिकायत के आधार पर 420 का मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी की तलाश की जा रही है। जल्द ही आरोपी को गिर तार कर लिया जायेगा।
अरविन्द्र कुजूर, टीआई, सिटी कोतवाली, छतरपुर
मेरे को आपने मामला बताया है। जांच कराने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जायेगी।
संदीप जीआर, कलेक्टर, छतरपुर

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