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 चोरों का अड्डा बना जिला अस्पताल, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

चोरों का अड्डा बना जिला अस्पताल, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल


लगातार हो रहीं चोरियां, एक महिला पकड़ी, साथी हुए फरार
छतरपुर। जिला अस्पताल इन दिनों चोरों का अड्डा बना हुआ है, पिछले कुछ दिनों से लगातार यहां से चोरी की घटनाएं सामने आ रही हैं। बाईक चोरी से लेकर लोगों के जेब से पैसे चोरी होने के एक दर्जन से अधिक मामले पिछले एक सप्ताह में सामने आए हैं, जिसके चलते अब जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे हैं। सोमवार की दोपहर में जिला अस्पताल के भीतर एक महिला को पकड़ा गया है जिस पर आरोप है कि वह लिफ्ट में मौजूद लोगों की जेब से पैसे चोरी कर रही थी। यह भी बताया गया है कि महिला के कुछ अन्य साथी भी थे, जो भागने में कामयाब हो गए।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक सोमवार की दोपहर करीब डेढ़ बजे जिला अस्पताल में कुछ लोग लिफ्ट से ऊपर के वार्डों में जा रहे थे, तभी एक महिला ने हाथ की सफाई दिखाते हुए लोगों की जेब से पैसे निकाल लिए। लिफ्ट में मौजूद एक व्यक्ति ने महिला के कारनामे को देखा तो शोर मचा दिया और महिला को रंगे हाथों पकड़कर अस्पताल चौकी के हवाले कर दिया गया। महिला को पकडऩे वाले लोगों का कहना था कि अस्पताल में उसके कुछ अन्य साथी भी थे जो कि महिला के पकड़े जाने के बाद यहां से भाग गए हैं। देवपुर निवासी प्रेमनारायण शर्मा ने बताया कि महिला ने उसकी जेब से 3900 रुपए निकाले हैं।
 वहीं खैरी निवासी रामपाल का कहना था कि उनकी जेब से 900 रुपए चोरी हुए हैं। लोगों का कहना था कि कुछ पैसे पकड़ी गई महिला के पास हैं, जबकि कुछ रकम उसके साथी लेकर भाग गए हैं। महिला के पकड़े जाने के बाद पिछले दो-चार दिनों में चोरी का शिकार हुए लोग भी सामने आए। ग्राम शिवराजपुर निवासी छोटे लाल कुशवाहा ने बताया कि दो दिन पहले रात के वक्त उसकी भाभी के 1300 रुपए चोरी हुए थे। वहीं एक अन्य महिला ने बताया कि तीन दिन पहले उसके वृद्ध दादाजी के जेब से 3 हजार रुपए चोरी हुए थे और पकड़ी गई महिला ने आज उसके पैसे भी चोरी किए हैं। एक अन्य युवक ने भी कुछ दिन पहले जिला अस्पताल में उसके 6000 रुपए चोरी होने की बात कही है। गौरतलब है कि पैसे और वाहन चोरी होने की घटनाएं जिला अस्पताल में आम हो गई हैं। लंबे समय से चोरियों का यह सिलसिला चला आ रहा है लेकिन पुलिस की उदासीनता और जिला अस्पताल की लचर सुरक्षा व्यव्स्था के चलते इन घटनाओं पर विराम नहीं लग पा रहा है।

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