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हाईकोर्ट का आदेश होने के बाद परेशान मत्स्य समिति ने पुलिस अधीक्षक से लगाई न्याय की गुहार

हाईकोर्ट का आदेश होने के बाद परेशान मत्स्य समिति ने पुलिस अधीक्षक से लगाई न्याय की गुहार

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दस वर्ष का पट्टा होने के बाद मत्स्य खेट से मना कर रहे थाना प्रभारी
छतरपुर। सिविल लाईन थाना क्षेत्र अंतर्गत बूढ़ा बांध मछली पालन को लेकर इन दिनों विवादों में चल रहा है। तीन साल पहले मत्स्य विभाग और जिला पंचायत ने मत्स्य उद्योग सहकारी समिति मर्यादित बृजपुरा के नाम दस वर्ष के लिए मत्स्य पालन पट्टा आयुक्त सागर की अनुशंशा पर दिया था। तीन वर्ष से समिति बूढ़ा बंाध में मत्स्य पालन का काम करती आ रही है। इसके बाद ग्राम बूढ़ा की समिति ने बृजपुरा समिति का राज्यमंत्री से पट्टा निरस्त करवा दिया था। जिसको लेकर बृजपुरा समिति के लोगों ने हाई कोर्ट का सहारा लिया और राज्यमंत्री के आदेश को निरस्त करवा दिया। हाई कोर्ट ने मत्स्य उद्योग सहकारी समिति मर्यादित बृजपुरा के पक्ष में फैसला सुनाया था। इसके बाद ग्राम बूढ़ा के दबंग मंगल पटैल और सुंदर पटैल ने विवाद करना शुरू कर दिया और समिति के लोगों के साथ मारपीट करते हुए बंधा पर बनी झुग्गी झोपडिय़ों को जला दिया था। जिसकी शिकायत संबंधित थाना सिविल लाईन में की गई थी। इसके बाद बृजपुरा समिति ने मत्स्य शिकार करना शुरू किया तो थाना प्रभारी सिविल लाईन द्वारा समिति को लोगों को शिकार करने से मना कर रहे है। थाना प्रभारी से परेशान मत्स्य बृजपुरा समिति ने गुरूवार को पुलिस अधीक्षक से न्याय की मांग की है।  
क्या है पूरा मामला-
मत्स्य उद्योग सहकारी समिति मर्यादित बृजपुरा की अध्यक्ष श्रीमति ममता रैकवार सभी सदस्यों के साथ गुरूवार को पुलिस अधीक्षक के यहां पहुंची। वहां उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि मप्र मत्स्य पालन निति के अनुसार हमारी समिति को 10 वर्षीय मत्स्य पालन पट्टा आयुक्त सागर की अनुशंशा पर जिला पंचायत छतरपुर व हमारी समिति के मध्य अनुबंध हुआ था। समिति के विरूद्ध ग्रामीण राज्य मंत्री ने 31 अगस्त 23 को उक्त पट्टा निरस्त कर दिया था। जिसके विरूद्ध समिति ने हाई कोर्ट जलबपुर में रिट पिटीशन क्रमांक 24986/2023 पेश की थी। जिसमें आदेश दिनांक 29 जनवरी 24 को राज्य मंत्री के आदेश को निरस्त कर दिया था। तथा हमारी समिति का 10 वर्षीय मत्स्य पालन पट्टा बहाल कर दिया था। जिसकी प्रति जिला पंचायत, कलेक्टर, मत्स्व विभाग सहित सिविल लाईन थाने में पेश की जा चुकी है। जबकि हाई कोर्ट का आदेश सिविल लाईन थाना प्रभारी मान्य नहीं कर रहे है और समिति को मत्स्य खेट के लिए मना कर रहे है। जबकि अनुबंध के अनुसार मत्स्य समिति को मत्स्य खेट करने का पूर्ण अधिकार है।
दबंगों से परेशान मत्स्य समिति के सदस्य-
मत्स्य उद्योग सहकारी समिति मर्यादित बृजपुरा की अध्यक्ष श्रीमति ममता रैकवार ने ज्ञापन देते हुए बताया कि ग्राम बूढा के दबंग मंगल पटैल और सुंदर पटैल, रामस्वरूप अहिरवार, बबलू अहिरवार द्वारा बूढा जलाशय पर अवैध कब्जे के लिए समिति द्वारा रखे चौकीदारों की झुग्गी झोपडिय़ों को जला दिया गया था। जिसकी एफआईआर सिविल लाईन थाने में दर्ज है। दबंगों द्वारा जलाशय की अवैध मछली निकाली जा रही है। मना करने पर जान से मारने की धमकी एवं झूठे केस में फसाने की धमकी दी जा रही है। यह दबंग हमलोगों के साथ कभी भी अप्रिय घटना को अंजाम दे सकते है। पुलिस अधीक्षक अगम जैन से मत्स्य खेट में बांधा डाल रहे लोगों पर कार्रवाई करने की मांग की है।
मत्स्य खेट से मना कर रहे थाना प्रभारी-
मत्स्य उद्योग सहकारी समिति मर्यादित बृजपुरा के लोगों ने बताया कि विगत दिनों पहले बंधा पर विवाद हुआ था। जिसकी शिकायत थाने में दर्ज कराई जा चुकी थी। साथ ही समिति ने सभी दस्तावेजों को पेश किया था। इसके बाद भी थाना प्रभारी सिविल लाईन बाल्मीक चौबे ने 15 दिन के लिए मत्स्य खेट करने से मना किया था। 15 दिन बीत जाने के बाद जब बृजपुरा समिति मत्स्य खेट करने के लिए पहुंची तो सिविल लाईन थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और मत्स्य खेट करने से मना कर दिया। जबकि बूढा गांव के दबंग मंगल पटैल और सुन्दर पटैल अवैधानिक तरीके से मत्स्य खेट करने में लगे हुए है। जबकि इस बांध पर होने वाले मत्स्य खेट पर जिला पंचायत एवं मत्स्य विभाग को भाग लेना चाहिए। लेकिन थाना प्रभारी हम गरीब लोगों को बेवजह परेशान करने में लगे हुए है।
इनका कहना है-
मेरे पास बृजपुरा समिति के लोग आए थे। उनके आवेदन की जांच सीएसपी के लिए मार्ग कर दी गई है। विवाद की स्थिति को देखते हुए सिविल लाईन थाना प्रभारी गए होगे। जांच में जो भी सामने आयेगा उसी अनुसार आगे की कार्रवाई की जायेगी।
अगम जैन, एसपी, छतरपुर
मैं एक कार्यक्रम में वाहर हूॅ। लौटकर आने के बाद ही बूढा बांध के मामले को देख लूंगा। मेरे द्वारा विवाद की स्थिति को शांत कराया गया था। मत्स्य खेट करने के लिए मना नहीं किया गया है।
बाल्मीक चौबे, टीआई, सिविल लाईन, छतरपुर

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