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समूह संचालक द्वारा दीनदयाल रसोई योजना के तहत गरीबों के नाम पर डाल रहे डांका

समूह संचालक द्वारा दीनदयाल रसोई योजना के तहत गरीबों के नाम पर डाल रहे डांका

 


नौगांव। शहर के बस स्टैंड में 5 रुपए में गरीबों को भरपेट भोजन कराने के लिए स्व सहायता समूह द्वारा संचालित दीनदयाल रसोई योजना में गरीबों के नाम पर जमकर फर्जीवाड़ा चल रहा है। नौगांव से यात्रा के आवागमन के लिए जिस रूट के साधन नहीं है वहां के लोगों कर नाम भी इस रसोई की सूची में दर्ज हो गए हैं।
राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत हर गरीब को भरपेट भोजन योजना गरीब के लिए लाभकारी साबित हो रही हो या नहीं लेकिन गरीबों के लिए बनाई गई योजना स्व सहायता समूह एवं इससे संबंधित अधिकारियों के लिए जरूर लाभकारी साबित हो रही है। कोई गरीब भूखा न रहे इसलिए मध्यप्रदेश शासन ने दीनदयाल रसोई योजना की शुरुआत की। ताकि गरीब तबके के लोगों को पांच रुपए में भरपेट भोजन मिल सके। लेकिन शासन की योजना का सही लाभ गरीबों को नहीं मिल पा रहा है। बल्कि योजना को चलाने वाले लोगों के लिए कमाई का जरिया बन गई है।
नगर पालिका व स्व सहायता समूह के अनुसार दीनदयाल रसोई में रोजाना 150 से 200 लाभार्थी भोजन ले रहे हैं, रसोई में बन रहे भोजन की मात्रा और और सूत्रों की माने तो यहां पर लगभग 20 से 25 लोग ही भोजन लाभ ले रहे हैं। इसके बाद स्व सहायता समूह संचालक द्वारा फर्जी नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करके फर्जी गरीब लाभार्थी चढ़ाकर भोजन करने वालों को संख्या बढ़ाकर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। दीनदयाल रसोई में चल रही फर्जीवाड़ा की हकीकत जानने मीडिया टीम बुधवार को रसोई केंद्र पहुंची तो वहां अलग ही नजारा देखने को मिला। नियमानुसार सुबह 10 से तीन बने तक चलने वाली रसोई दोपहर 1 बजे के लगभग बंद सी दिखाई दी। रसोई में रखे रजिस्टर में लगभग 100 से अधिक लोगों के द्वारा भोजन करने के नाम दर्ज मिले। जबकि इससे पहले मंगलवार की सुबह 11 बजे के लगभग रसोई का मुआयना किया तो यहां पर जो निर्मित भोजन मिला उसकी मात्रा के अनुसार मुश्किल से 30 लोग भोजन कर सकें, जबकि सोमवार को भी रजिस्टर में 120 से अधिक लोगों के नाम दर्ज रहे। रजिस्टर से मिले मोबाइल नंबरों पर संपर्क किया तो कुछ नम्बर बंद मिले तो कुछ लोग सीधी, सिंगरौली, इटावा, जबलपुर आदि जगहों के मिले,जिनके अनुसार न वह नौगांव आए न ही उन्होंने नौगांव की दीनदयाल रसोई में भोजन किया। साथ ही कुछ नम्बर ई कॉमर्स साइट, फाइनेंस कंपनी सहित अन्य हेल्पलाइन के नम्बर मिले जिनके नम्बर रजिस्टर में लाभार्थी के नाम पर दर्ज मिले।
सितंबर 23 से चल रही दीनदयाल रसोई
बस स्टैंड में विधानसभा चुनाव पूर्व 02 सितंबर 2023 से दीनदयाल रसोई का संचालन हो रहा है। इस योजना के तहत लोगों को पांच रुपए में भर पेट भोजन मिलने की सुविधा शुरू हुई है। शुभारंभ के बाद नगरपालिका के द्वारा आनन फानन में रसोई को संचालित किया गया। रसोई को नगरपालिका ने लगभग पांच माह तक चलाया। उसके बाद फरवरी माह में यह रसोई रानी लक्ष्मीबाई स्व सहायता समूह को सौंप दी।
क्या है दीनदयाल रसोई योजना
राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत प्रदेश सरकार द्वारा प्रति व्यक्ति को पांच रुपए में भरपेट भोजन सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक साफ स्वच्छ जगह बैठाकर कराया जाना है। भोजन करने के पहले लाभार्थियों से पांच रुपए व मोवाइल नंबर लिया जाता है। जिसको रोजाना नगरपालिका में दर्ज कराया जाता है, जिसके बदले में शासन समूह को प्रति व्यक्ति 125 ग्राम गेहूं, 100 ग्राम चावल व दस रुपए देता है।
इनका कहना है
कई बार भोजन करने वाले लोग अपनी पहचान छिपाने के उद्देश्य से गलत मोबाइल नंबर लिखा रहे हैं, इस कारण ऐसा हो रहा है। ज्यादा लोग चढ़ाने के मामले में जांच कर कार्रवाई करेंगे। बाकी फर्जीवाड़ा को रोकने और रसोई का लाभ वंचितों को देने के उद्देश्य से आचार संहिता के बाद सीसीसीटीवी कैमरे लगवाकर निगरानी रखी जायेगी।
अपूर्वा गुप्ता, प्रभारी सामुदायिक संगठक, नगर पालिका परिषद नौगांव
आपके द्वारा जानकारी मिली है एक बार हमने निरीक्षण किया था। दीनदयाल रसोइ शीघ्र निरीक्षण करके जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
विशा माधवनी, एसडीम नौगांव

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