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दम्पत्ति को भूूमाफियाओं के चक्कर में भारी हुआ नुकसान

दम्पत्ति को भूूमाफियाओं के चक्कर में भारी हुआ नुकसान

 


छतरपुर। छतरपुर की एक डॉक्टर दम्पत्ति शहर के ही कुछ भूमाफियाओं के चक्कर में भारी नुकसान उठा बैठे। डॉ. मुदित शर्मा और उनकी पत्नि रश्मि झामर ने लोकनाथपुरम में 120 फिट वाई 120 का एक प्लाट खरीदा जिसे उन्होंने बगैर जांचे परखे करोड़ों रूपए में खरीद तो लिया लेकिन यह प्लाट जिस विक्रेता के द्वारा बेचा गया वह उस विक्रेता के भू स्वामित्व का प्लाट ही नहीं था। डॉक्टर दम्पत्ति ने इस प्लाट पर कब्जा करने के लिए जब दबंगई का उपयोग किया तो उनके विरूद्ध सिविल लाइन थाने में मुकदमे दर्ज हो गए। छतरपुर में फर्जी रजिस्ट्रियों का यह अनूठा मामला है जिसमें एक डॉक्टर दम्पत्ति ने करोड़ों रूपए भी खर्च कर दिए और मुकदमे भी झेलने पड़े। फिलहाल यह मामला जांच में है।
 क्या है मामला-
पन्ना निवासी सतीश पटैरिया ने बताया कि छतरपुर के सागर रोड पर लोकनाथपुरम में उनके पिता द्वारा क्रय की गई लगभग 5 एकड़ भूमि है। यह भूमि उनके द्वारा 1994 में ऋषिराम गंगेले से खरीदी गई थी। इसी जमीन से लगी जमीन राजेन्द्रनाथ पटैरिया की है। लगभग 6 महीने पहले राजेन्द्रनाथ पटैरिया ने एक अन्य सहखातेदार का खसरा दिखाकर डॉ. मुदित शर्मा और उनकी पत्नि रश्मि झामर को 120 फिट वाई 120 फिट का एक प्लाट करोड़ों में बेच दिया। यह प्लाट बिकवाने के लिए शहर के कुछ भूमाफिया भी संलग्र रहे। डॉक्टर दम्पत्ति ने 6 महीने तक इस प्लाट पर कब्जा नहीं किया। जब वे कब्जा करने पहुंचे तो सतीश पटैरिया ने उन्हें अपने दस्तावेज दिखाए और बताया कि उक्त भूमि 1994 से उनकी है एवं कब्जा भी उन्हीं का है। जब डॉक्टर दम्पत्ति ने जबरन इस प्लाट पर कब्जा करने की कोशिश की तो 6 महीने पहले उन पर फर्जी रजिस्ट्री कराने के आरोप में धारा 420 का मुकदमा दर्ज किया गया। एक बार फिर 22 मार्च को डॉक्टर दम्पत्ति ने एसडीएम छतरपुर को गुमराह कर इस प्लाट पर शनिवार और रविवार की छुट्टियों के बीच अपनी जेसीबी और गुण्डों को ले जाकर कब्जा करने की कोशिश की। इस मामले में भी शिकायतकर्ता सतीश पटैरिया की रिपोर्ट पर डॉक्टर दम्पत्ति के विरूद्ध धारा 427 सहित अन्य धाराओं में एक और प्रकरण दर्ज हो गया। सतीश पटैरिया ने बताया कि डॉक्टर परिवार के द्वारा जो रजिस्ट्री कराई गई है वह पूर्णत: गलत है। इस रजिस्ट्री में साफतौर पर गलत खसरा और गलत जमीन दिखाकर सौदा कराया गया है जबकि उक्त प्लाट पर सतीश पटैरिया के परिवार का स्वामित्व है। सतीश पटैरिया ने एक बार फिर एसडीएम को शिकायत देकर इस मामले में सर्वे की मांग उठाई। एसडीएम ने सर्वे कराने के उपरांत आरआई पटवारी से पंचनामा रिपोर्ट भी तैयार कराई जिससे साफ होता है कि उक्त जमीन पर वर्षों से सतीश पटैरिया का कब्जा है। अब डॉक्टर दम्पत्ति को इस मामले में कभी भी गिरफ्तार किया जा सकता है।

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