-->
पाए सभी खबरें अब WhatsApp पर Click Now

Below Post Ad

Image
खजुराहो के अचनार, अलीपुरा एवं लवकुशनगर में लग रहे लाखों के दाव यूपी, एमपी के जुआड़ी आ रहे किस्मत आजमाने

खजुराहो के अचनार, अलीपुरा एवं लवकुशनगर में लग रहे लाखों के दाव यूपी, एमपी के जुआड़ी आ रहे किस्मत आजमाने

 


छतरपुर। पुलिस अधीक्षक अमित सांघी द्वारा आपराधिक घटनाओं को रोकने  और अवैध कार्यों पर अंकुश लगाने के लिए भले ही थाना स्तर के पुलिस कर्मियों को निर्देश दिये गए हों लेकिन कई थानों के थाना प्रभारी पुलिस अधीक्षक के अरमानों पर पानी फेरने में लगे हुए हैं। भले ही आपराधिक घटनाएं कम हो रही हों लेकिन अवैध कार्य अभी भी बंद नहीं हुए हैं। सबसे अधिक जुआ के फड़ संचालित हो रहे हैं। इन दिनों खजुराहों थाना के ग्राम अचनार, अलीपुरा थाना के जौरन व चुरवारी के बीच तथा लवकुशनगर कस्बे में जुआ के फड़ चल रहे हैं। लवकुशनगर में जुआडिय़ों ने एक प्राइवेट मकान को जुआ का फड़ चलाने के लिए अधिग्रहीत कर लिया है। इस प्राइवेट मकान में अघोषित रूप से दिन-रात जुआ का फड़ चलता है। चूंकि लवकुशनगर यूपी की सीमा से लगा हुआ है। इस कारण अधिकांशत: यूपी के जुआड़ी यहां अपनी किस्मत आजमाने के लिए लाखों के दाव लगा रहे हैं। थाना लवकुशनगर के कुछ पुलिसकर्मियों का इस जुआ के फड़ को संरक्षण प्राप्त है इसीलिए तो कोई कार्यवाही नहीं की जाती है। पहले लवकुशनगर में मैरिज हाउस में जुआ  चल रहा था लेकिन जब खबर सुर्खियों में आई तो स्थान बदल दिया गया और अब एक आलीसान प्राइवेट मकान में बिना किसी भय के जुआ का फड़ चलता है।
इसी तरह खजुराहो थाना अंतर्गत ग्राम अचनार में भी जुआ का फड़ चल रहा है। यहां भी लाखों के दाव लगते हैं। पुलिस जानते हुए भी जुआ के फड़ तक पहुंचने की हिम्मत नहीं जुटाती क्योंकि पुलिस का जुआ के फड़ से कमीशन बंधा हुआ है। अचनार गांव में चल रहे जुआ के फड़ से गांव की शांति भंग होने की आशंका बनी रहती है। कई बार यहां के लोगों ने संबंधित पुलिस को सूचित भी किया। लेकिन पुलिस तभी पहुंचती है जब जुआ के फड़ से सब कुछ साफ हो चुका होता है।
नौगांव पुलिस अनुविभाग के अलीपुरा थाना अंतर्गत जौरन एवं चुरवारी गांव के बीच भी एक जुआ का फड़ लंबे समय से चल रहा है। इस जुआ के फड़ पर यूपी के जुआड़ी ज्यादा आते हैं। इस फड़ को संचालित करने वाले दबंगी से कहते हैं कि पुलिस कुछ नहीं कर सकती । क्योंकि जुआ के फड़ से पुलिस को भी कमीशन जाता है। रोज बड़ी-बड़ी गाडिय़ों में जुआड़ी आते हैं और अपनी किश्मत आजमाकर चले जाते हैं। जुआ में हार-जीत तो तय है। लेकिन कोई लंबी रकम हार जाता है तो लंबी रकम जीतता है। फिर विवाद की स्थिति भी बनती है। अगर इन जुआ के फड़ों पर अंकुश नहीं लगाया गया तो कभी भी बड़ी वारदात घटित हो सकती है।

--- इसे भी पढ़ें ---

Ads on article

Advertise in articles 1

advertising articles 2

Advertise under the article

-->