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 निलंबित हुए सहकारी बैंक बिजावर के पूर्व प्रबंधक फर्जी तरीके से निकाली थी ब्याज क्लेम की राशि

निलंबित हुए सहकारी बैंक बिजावर के पूर्व प्रबंधक फर्जी तरीके से निकाली थी ब्याज क्लेम की राशि


छतरपुर। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित छतरपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बैंक की बिजावर शाखा के पूर्व प्रबंधक अजय असाटी के विरुद्ध चल रही जांच में दोष सिद्ध होने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की कार्यवाही की है। बताया गया है कि बिजावर शाखा के पूर्व प्रबंधक अजय असाटी ने वरिष्ठ कार्यालय के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते हुये बिजावर शाख अंतर्गत आने वाली समितियों के प्रबंधकों से मिलीभगत कर फर्जी तरीके से ब्याज क्लेम की राशि प्राप्त की है, जिसके लिए उन्हें निलंबित किया गया है।
यह है मामला-
प्राप्त जानकारी के मुताबिक जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित की शाखा बिजावर के पूर्व प्रबंधक अजय असाटी ने अपने कार्यकाल के दौरान शाखान्तर्गत 14 समितियों के लेनदेन पर सतत् रूप से संस्थाओं के कार्यानुभव की जानकारी होते हुये भी मुख्यमंत्री कृषक ब्याज माफी योजना 2023 में शाखान्तर्गत समितियों के ब्याज क्लेम की राशि प्रस्तुत करने का पूर्ण ज्ञान होते हुये भी अपनी लॉगिन आई.डी. से सेवा सहकारी समिति मर्यादित मऊखेरा के 715 कृषक सदस्यों के 5 करोड़ 95 लाख 31 हजार 61 रूपये का ब्याज क्लेम और गुलगंज समिति के 599 सदस्यों का 3 करोड़ 81 लाख 42 हजार 62 रूपये का ब्याज क्लेम अपनी लॉगिन आईडी से पास करते हुये प्राप्त करने की कार्यवाही की। शासन से समिति मऊखेरा ने 5 करोड़ 36 लाख 42 हजार 407 रुपये का क्लेम प्राप्त किया जबकि समिति गुलगंज ने 3 करोड़ 43 लाख 69 हजार 151 रूपये का क्लेम प्राप्त किया।
जब इस मामले की जनसुनवाई सहित अन्य माध्यमों से शिकायतें प्राप्त हुई तो तीन सदस्यीय जांच दल गठित कर दोनों समितियों की जांच कराई गई, जिसमें समिति मऊखेरा का वास्तविक क्लेम 5 लाख 15 हजार 324 रूपये और गुलगंज समिति का वास्तविक क्लेम 13 लाख 82 हजार 899 रूपये क्लेम पाया गया। जांच दल ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि समिति मऊखेरा ने 5 करोड़ 31 लाख 27 हजार 82 रूपये एवं समिति गुलगंज ने 3 करोड़ 29 लाख 86 हजार 251 रूपये बोगस क्लेम प्राप्त किया है। जांच में स्पष्ट हुआ कि अजय असाटी ने अपने पदीय दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन नहीं किया और वरिष्ठ कार्यालय के दिशा निर्देशों का उल्लंघन करते हुये समिति प्रबंधकों से मिलीभगत कर फर्जी ब्याज क्लेम की राशि प्राप्त की गई, जिसके लिए अजय असाटी को उनकी हाल पदस्थी प्रधान कार्यालय विपणन कक्ष छतरपुर से तत्काल निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में अजय असाटी का मुख्यालय शाखा नौगांव नियत किया गया है और इस अवधि में अजय असाटी को जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त करने की पात्रता रहेगी। बताया गया है कि इसके अलावा शाखा की शेष 12 समितियों में भी इसी प्रकार से ब्याज माफी क्लेम की राशि प्राप्त करने की संभावना है।

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