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एसडीओ और उपयंत्री की मिली भगत से पुराने चेकडेमों का किया जा रहा भुगतान

एसडीओ और उपयंत्री की मिली भगत से पुराने चेकडेमों का किया जा रहा भुगतान

 


जनपद पंचायत गौरिहार में रोजगार गारंटी योजना में हो रहा भारी भ्रष्टाचार,एसडीओ और उपयंत्री की मिली भगत से पुराने चेकडेमों का किया जा रहा भुगतान

छतरपुर। केंद्र सरकार और राज्य सरकार मिलकर के रोजगार गारंटी योजना जैसी म्हात्त्वपूर्ण योजना चलाई है जिसमे ग्राम पंचायत में विकास कार्य  भी होंगे और मजदूरी करने के लिए बाहर भी नहीं जाना पड़ेगा लेकिन गौरिहार जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचयतो में एस डी ओ और उपयंत्रियों की मिली भगत से  रोजगार  रोजगार गारंटी योजना में जमकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है ग्राम पंचायत बलरामपुर चेक डैम निर्माण कार्य छोटी नदी के धोबिन घाट पर दो वर्ष पहले बन गया था जो अब टूट फूट गया है लेकिन अब पंचायत सरपंच और रोजगार सहायक मिलकर के उपयंत्री और एस डी ओ की भगत से चैकडेम के फर्जी मस्टर भरकर रूपये निकालने में लगे है सरपंच और रोजगार मस्टर क्रमांक13899. 1900. 14670. 1390114671. 14672. 15227. 15228. 15229. 155536. 155537. 15842. और 15843.में फर्जी मजदूरी भरकर लाखों रूपये निकाल लिये इस पूरे कारनामे मे रोजगार योजना के एस डी ओ गुप्ता और उपयंत्री भूपेंद्र तिवारी का अहम रोल है मामले के संबंध जनपद सी  ई ओ गोविन्द सिंह से बात की गयी लेकिन उनसे सम्पर्क नहीं हो पाया। गौरतलब हो जिले में चेकडेमों के निर्माण में हुए भ्रष्टाचार की गूंज विधानसभा में गूंजी थी। और यही नहीं विधानसभा से पंचायत मंत्री के निर्देश पर एक जांच कमेटी भी आई थी। उसके बावजूद भी चेकडेमों में हुए घोटाले की जांच के बाद किसी भी जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हुई। मजेदार बात ये है कि कोरोना काल के समय उपयंत्रियों ने बिना स्थल निरीक्षण किए अपनी अपनी पंचायततों में चेकडेम स्वीकृत करा लिए थे। और पूरे जिले में सभी चेकडेमों की कीमत लगभग 14 लाख 99 हजार रुपए आंकी गई थी। इस संबंध में कुछ जागरुक पत्रकारों के द्वारा शिकायत होने पर यह मामला तूल पकड़ा और छतरपुर के तत्कालीन विधायक आलोक चतुर्वेदी ने विधानसभा में प्रश्न लगाकर चेकडेमों की जानकारी मांगी थी और जिन लोगों ने भ्रष्टाचार किया था उनके खिलाफ क्या कार्यवाही की गई थी परंतु उसके बावजूद भी पंचायत मंत्री ने जांच का आश्वासन देकर प्रश्र को समाप्त कर दिया था। कुल मिलाकर छतरपुर जिले में चेकडेमों में हुए करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार की जांच ठंडे बस्ते में चली गई। आज भी चेकडेमों के नाम पर कई पंचायतों में लगातार राशि निकाली जा रही है।

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