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रिक्शे वाले की मदद से पहुंचा मरीज, टीबी बताकर 10 हजार छीने

रिक्शे वाले की मदद से पहुंचा मरीज, टीबी बताकर 10 हजार छीने

 

 फर्जी डॉक्टरों का गिरोह लूट रहा मरीजों को,रिक्शे वाले की मदद से पहुंचा मरीज, टीबी बताकर 10 हजार छीने

छतरपुर। फर्जी डॉक्टर अपने गिरोह के सहारे मरीजों को लूटने में लगे हैं। आए दिन मरीज लूट का शिकार हो रहे हैं। मगर इन लुटेरा गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्यवाही नहीं हो रही। कार्यवाही न होने से इस तरह के गिरोह फल-फूल रहे हैं। गुरूवार को फिर एक मरीज फर्जी डॉक्टर की लूट का शिकार हो गया और उसे टीबी जैसी गंभीर बीमारी बताकर उससे 10 हजार रूपए छीन लिए गए।
जानकारी के मुताबिक नौगांव क्षेत्र के ग्राम तिंदनी का रहने वाला रामेश्वर प्रजापति अपने परिवार के सदस्य का इलाज कराने छतरपुर आ रहा था। सर्दी, खांसी की शिकायत होने पर इलाज कराने आया व्यक्ति जैसे ही बस से उतरा वैसे ही फर्जी डॉक्टर के गिरोह का शिकार हो गया। एक रिक्शा चालक ने डॉ. चौहान के यहां ले जाने की बात पर उससे कहा कि डॉ. चौहान दो दिन के लिए छुट्टी पर गए हैं उनके ही अन्य सदस्य का क्लीनिक है। जैसे ही मरीज के परिजन रिक्शा चालक के भरोसे में आ गए वैसे ही रिक्शा चालक दूधनाथ मंदिर के पास फर्जी क्लीनिक चला रहे एक फर्जी डॉक्टर के पास उन्हें ले गया। सर्दी, खांसी की शिकायत पर फर्जी डॉक्टर ने उसे टीबी जैसी गंभीर बीमारी होने की बात बताकर 10 हजार रूपए ले लिए। मरीज के परिजन ने बताया कि वे रिक्शा चालक की बात पर भरोसा करके आ गया था जब उसे लगा कि यह डॉक्टर नहीं है तो उसने इसकी शिकायत कोतवाली में की है। उधर पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
नौगांव में है टीबी का अस्पताल, जिला अस्पताल में मिलतीं हैं फ्री दवाईयां
ट्यूबर क्लोसिस एक गंभीर बीमारी है लेकिन शोध के कारण यह बीमारी इलाज से ठीक होने की श्रेणी में आ गई है। नौगांव में बुन्देलखण्ड का सबसे बड़ा टीबी अस्पताल है जहां पूरी तरह से नि:शुल्क इलाज होता है। इसके अलावा जिला अस्पताल में नि:शुल्क दवाईयां दी जाती हैं। सवाल यह उठता है कि नौगांव के पड़ोस में स्थित ग्राम तिंदनी का मरीज आखिर इलाज के लिए छतरपुर क्यों आया। हालांकि यह भी संभव है कि सिर्फ सर्दी, खांसी की शिकायत की वजह से वह डॉ. चौहान से परामर्श लेने आया हो। क्योंकि मरीज के परिजन ने यह बताया कि वह डॉक्टर चौहान से इलाज कराने के लिए आया था लेकिन रिक्शा चालक ने उसे बरगला दिया और वह लूट का शिकार हो गया।
इनका कहना-
इस तरह के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं, ऐसे मामलों की जानकारी लगते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कार्यवाही करती है। इस मामले में भी जांच कर कार्यवाही की जाएगी।
डॉ. लखन तिवारी, सीएमएचओ, छतरपुर

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