-->
पाए सभी खबरें अब WhatsApp पर Click Now

Below Post Ad

Image
बिजावर विधान सभा क्षेत्र मे खाद बीच ना मिलने से   किसान परेशान

बिजावर विधान सभा क्षेत्र मे खाद बीच ना मिलने से किसान परेशान

(संदीप सेन गुलगंज) 

बिजावर।खाद को लेकर प्रदेश के अन्नदाताओं में मचा है। हाहाकार, यहां लोगो की भी लगी है कतार।किसानों ने आरोप लगाते हुए बताया कि 15 दिन से लगातार विभाग का चक्कर काट रहे हैं. जिम्मेदारों से संपर्क किया पर इस संबंध में जानकारी देने से जिम्मेदारों ने हाथ खड़े कर दिए. किसानों की माने तो ग्राम सेवकों द्वारा चोरी छिपे बीज बेचने की शिकायतें भी प्राप्त होती रहती थीं, वह सीधे रसूखदारों के घर पहुंच जाता है।

मालूम हो कि बिजाबर विधान सभा क्षेत्र के लोगों की आजीविका का मुख्य साधन खेती व पशुपालन है। अभी रबी फसल की बुआई का समय है। किसानों ने मक्का, गेहूं, तेलहन व दलहन फसल की बुआई शुरू कर दी है, लेकिन  क्षेत्र के अधिकांश खाद-बीज की दुकानों में खाद नहीं है। विगत कई दिनों से  क्षेत्र में खाद की किल्लत बनी हुई है। डीएपी, पोटाश व यूरिया के लिए किसान भटक रहे हैं। खाद की किल्लत से किसानों के बीच हाहाकार मचा है। खाद नहीं मिलने से किसान बिना खाद के ही गेहूं व मक्के की खेती करने को विवश हैं। बिना खाद के रबी फसल की बुआई कैसे होगी यह अहम सवाल किसानों के बीच पनप रहा है। गेहूं व मक्के की फसल की अधिक उपज के लिए किसान बुआई के समय व बुआई के बाद डीएपी व यूरिया सहित अन्य खाद का प्रयोग करते हैं, लेकिन खाद उपलब्ध नहीं रहने से किसान काफी परेशान हैं। खाद का उपयोग नहीं करने से रबी फसल के उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। प्रखंड क्षेत्र के अधिकांश खाद दुकानों में डीएपी व यूरिया सहित अन्य खाद किसानों को उपलब्ध नहीं हो पा रही है।

खाद की किल्लत से किसान परेशान, गेहूं की बुवाई के लिए पड़ रही जरूरत

गुलगंज कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों किसानों को खाद की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने बताया कि कृषि विभाग के अधिकारी पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने का आश्वासन दे रहे हैं, लेकिन खाद नहीं मिल रही है।  किसानों को शीघ्र खाद नहीं मिलने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।  और ग्राम पंचयात् भरतोली के ग्राम देवरी मे ग्रामीणों भाजपा विधायक राजेश बबलू शुक्ला पर आरोप लगाया कि  विधायक जी पिछले 5 साल मे एक भी बार गाव नही आय समस्या के बारे में विभागीय अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे। किसानों को दूसरे जिलों से खाद लाना पड़ रही है। खाद के अभाव में फसल कार्य में देरी हो रही है।

खाद-बीज विक्रेताओं का कहना है कि स्टाकिस्ट द्वारा ही काफी कम मात्रा में डीएपी व यूरिया दिया जा रहा है ।   इस कारण खाद की समस्या आ खड़ी हुई है।  गुलगंज  क्षेत्र के दर्जनों किसानों ने बताया कि डीएपी के बदले एनपीके के साथ जिंक व अन्य बीज भी देने की बात विक्रेताओं द्वारा कही जा रही है। समय पर खाद उपलब्ध नहीं होने से रबी फसल की बुआई पर सीधा असर हो रहा है। किसानों द्वारा खेतों की जुताई की जा चुकी है। लेकिन खाद के अभाव में बुआई नहीं कर पा रहे हैं। किसानों का मानना है कि डीएपी उपलब्ध नहीं होने से खेतों की उर्वरा शक्ति पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। ऐसे में किसान दुविधा में पड़े हुए हैं। लिहाजा रबी फसल की बुआई में दिनानुदिन देर होती जा रही है।   

प्रदेश सरकार हमेसा दावा करती आ रही हैं कि  किसानो को हर हाल मे बिजली पानी खाद बीच  की समस्या से   से निवारन करायेगी हालाँकि सरकार के सभी दावे झठे  साबित होते दिखाई दे रहे है।

बिजबार विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत  दर्जनों गाव के  किसान   खेती से जुड़े  हुए है   जिन्हे समय पर खाद बीच बिजली पानी ना मिलने से    मजदूरी करनी पढती है और पलायन के लिए  बाहर जाना पढ़ता है क्षेत्रिये किसान सरकार से   खेती को सहारा देने की मांग लंबे समय से करते आ रहे है  लेकिन सरकार ने किसानो पर कभी ध्यान नही दिया!!  किसानो ने बीजेपी सरकार  पर आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी ने सिर्फ घोषणा की है  जिस कारण    शिवराज सरकार को घोसना मशीन भी कहा जाता है।

--- इसे भी पढ़ें ---

Ads on article

Advertise in articles 1

advertising articles 2

Advertise under the article

-->