मेले में दबंगों के हौसले बुलंद, झूला संचालक और स्टाफ धरने पर बैठे, सुरक्षा व्यवस्था की खुली पोल
छतरपुर। शहर के प्रसिद्ध मेला जलविहार में दबंगों की गुंडागर्दी का मामला सामने आया है। मेले में मनोरंजन के लिए लगाए गए झूले पर कुछ युवकों ने कथित तौर पर मुफ्त में झूलने का दबाव बनाया। जब झूला संचालक ने पैसे मांगे और नियमों के विरुद्ध झूला झुलाने से इनकार किया तो युवकों ने उसके साथ मारपीट कर दी। इस घटना ने मेले की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है।
जानकारी के अनुसार, फ्री में झूला झूलने की जिद पर अड़े कुछ युवकों ने झूला संचालक के साथ विवाद शुरू कर दिया। देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया। आरोप है कि युवकों ने संचालक के साथ जमकर मारपीट की। घटना के बाद मेले में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
पुलिस पहुंची, संचालक स्टाफ के साथ धरने पर बैठा
मारपीट की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन घटना से आक्रोशित झूला संचालक और उसका पूरा स्टाफ धरने पर बैठ गया। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई। सवाल यह है कि परिवारों और बच्चों की भीड़ से गुलजार रहने वाले मेले में यदि खुलेआम इस तरह दबंगई होगी तो आम नागरिक और व्यापारी खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करेंगे?
मेले में सुरक्षा के इंतजाम आखिर कहां हैं?
मेला जलविहार में हजारों लोग मनोरंजन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में झूला संचालक के साथ मारपीट की घटना ने सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या मेले में असामाजिक तत्वों पर पुलिस और मेला प्रबंधन का कोई नियंत्रण नहीं है? क्या कारोबार करने वाले लोगों को अपनी सुरक्षा के लिए खुद ही संघर्ष करना पड़ेगा?
अब देखना होगा कि पुलिस आरोपियों के खिलाफ क्या कार्रवाई करती है और मेले में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

