50 से अधिक लोगों को काटा, वन विभाग और नगर पालिका की खींचतान मे
छतरपुर। शहर के पुराना इलाहाबाद बैंक के पीछे, गल्ला मंडी से लेकर बघराजन माता मंदिर तक एक आक्रामक लाल मुंह के बंदर ने भारी दहशत फैला रखी है। बंदर के लगातार हो रहे हमलों के कारण स्थानीय लोगों का घरों से बाहर निकलना दूभर हो गया है। रहवासियों के अनुसार, यह बंदर अब तक 40 से 50 लोगों को काटकर गंभीर रूप से घायल कर चुका है, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार प्रशासनिक महकमे मूकदर्शक बने हुए हैं।
ताजा मामला शनिवार (31 अक्टूबर) का है, जहाँ वार्ड नंबर 7, संजय गांधी मार्ग निवासी वीरेंद्र सेन पगड़ी वाले की 38 वर्षीय पत्नी अनीता सेन पर बंदर ने अचानक हमला कर दिया। इस हमले में महिला के चेहरे और जबड़े पर गंभीर चोटें आई हैं, जिनका निजी क्लिनिक में इलाज कराया गया। लगातार हो रही इन घटनाओं से क्षेत्रवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
जिम्मेदारी से झाड़ा पल्ला
बंदर को पकडऩे को लेकर वन विभाग और नगर पालिका प्रशासन आमने-सामने हैं। वन विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि काले मुंह के बंदरों को पकडऩे के नियम तो हैं, लेकिन लाल मुंह के बंदर को पकडऩे का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है। वहीं नगर पालिका भी इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। दोनों विभागों के बीच जारी इस तकनीकी उलझाव का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
क्षेत्र के बच्चों और महिलाओं में इस कदर खौफ है कि लोग छतों और गलियों में जाने से डर रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि नियमों का हवाला देने के बजाय जल्द से जल्द बंदर को पकड़वाने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं।

