विज्ञापन

Type Here to Get Search Results !
BREAKING NEWS

Breaking Posts

Right Post

PRESS
ऑनलाइन रिपोर्टर बनें
OFFICIAL प्रेस ID कार्ड + नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान में मोबाइल चलाते नजर आए PWD अधिकारी! कलेक्टर की कोशिशों पर फिरा पानी?


कार्यक्रम में मौजूदगी के बावजूद अधिकारी की कार्यशैली पर उठे सवाल, क्या महज खानापूर्ति तक सिमट गया जनविश्वास अभियान?

 

छतरपुर। मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के जरिए आम जनता का प्रशासन पर भरोसा मजबूत करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन छतरपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारी आशीष भारती की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान अधिकारी जनता की समस्याओं और अभियान के उद्देश्य पर ध्यान देने के बजाय कूलर की हवा में बैठकर मोबाइल चलाते नजर आए।

इस घटनाक्रम ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली और सरकारी अभियानों की गंभीरता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर कलेक्टर जनता की समस्याओं के समाधान और प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ाने के प्रयास कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार अधिकारियों का कथित तौर पर इस तरह उदासीन नजर आना इन प्रयासों पर पानी फेर सकता है।

जब अधिकारी ही गंभीर नहीं, तो जनता क्यों दिखाए भरोसा?

मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं को सुनना, उनका निराकरण करना और शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास कायम करना है। ऐसे में यदि कार्यक्रम में शामिल अधिकारी ही अपनी जिम्मेदारियों के प्रति गंभीर नहीं दिखते, तो अभियान की सार्थकता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

PWD अधिकारी आशीष भारती की कार्यक्रम के दौरान मोबाइल चलाते हुए सामने आई तस्वीर ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या कुछ अधिकारियों के लिए ऐसे जनहितकारी कार्यक्रम केवल औपचारिक उपस्थिति दर्ज कराने तक सीमित रह गए हैं? हालांकि, अधिकारी मोबाइल पर क्या कार्य कर रहे थे, इसकी पुष्टि के बिना उनकी मंशा पर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

कलेक्टर की पहल पर जिम्मेदारों की जवाबदेही जरूरी

जनता का विश्वास केवल बैठकों और अभियानों के आयोजन से नहीं, बल्कि अधिकारियों के व्यवहार, संवेदनशीलता और समस्याओं के समाधान से कायम होता है। ऐसे में संबंधित अधिकारी की भूमिका की समीक्षा और कार्यक्रम के दौरान उनकी जिम्मेदारी को लेकर स्पष्टीकरण आवश्यक है।

अब सवाल यह है कि क्या जिला प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जवाबदेही तय करेगा, या जनविश्वास अभियान में सामने आई ऐसी तस्वीरों को नजरअंदाज कर दिया जाएगा? यदि प्रशासनिक अभियानों को वास्तव में सफल बनाना है, तो अधिकारियों की मौजूदगी के साथ उनकी सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित करनी होगी।

Top Post Ad

Design by - Blogger Templates |