निःशुल्क परामर्श व परीक्षण के साथ मरीजों को वितरित की गई दवाएं, 45 वर्ष की उम्र के बाद प्रोस्टेट संबंधी लक्षणों को नजरअंदाज न करने की सलाह
राघव भास्कर हमीरपुर। प्रोस्टेट संबंधी बीमारियों की जांच और उपचार को लेकर रविवार को शहर के नगर पालिका पार्क स्थित रैन बसेरा में निःशुल्क प्रोस्टेट परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कानपुर के प्रसिद्ध यूरोलॉजिस्ट डॉ. वी.के. मिश्रा ने करीब 200 मरीजों की जांच कर उन्हें निःशुल्क परामर्श दिया। जरूरतमंद मरीजों को उपचार से संबंधित दवाएं भी मौके पर ही उपलब्ध कराई गईं।
सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक आयोजित शिविर में प्रोस्टेट संबंधी समस्या से पीड़ित मरीजों की भीड़ लगी रही। शिविर में मरीजों की यूरोफ्लोमेट्री, पीएसए के माध्यम से प्रोस्टेट कैंसर की जांच, ईसीजी और ब्लड शुगर की निःशुल्क जांच की गई। वहीं फिजीशियन डॉ. बिनीत तिवारी ने मरीजों के ब्लड शुगर, रक्तचाप सहित सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जांच कर आवश्यक परामर्श दिया।
यूरोलॉजिस्ट डॉ. वी.के. मिश्रा ने बताया कि 45 वर्ष की उम्र के बाद पुरुषों में प्रोस्टेट ग्रंथि के बढ़ने की समस्या आम हो जाती है। पेशाब में रुकावट, पेशाब की धार पतली होना, रात में बार-बार पेशाब के लिए उठना, पेशाब करने में जोर लगाना, पेशाब के बाद बूंद-बूंद टपकना या पेशाब रोकने में परेशानी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय रहते जांच और उपचार कराने से बीमारी को गंभीर होने से रोका जा सकता है।उन्होंने बताया कि शिविर में करीब 15 प्रतिशत ऐसे लोगों ने भी प्रोस्टेट स्वास्थ्य परीक्षण कराया, जिन्हें फिलहाल कोई स्पष्ट परेशानी महसूस नहीं हो रही थी। लगभग 30 प्रतिशत मरीजों को दवा के साथ जीवनशैली में बदलाव की सलाह दी गई। वहीं करीब 10 से 15 प्रतिशत मरीजों में प्रोस्टेट कैंसर से संबंधित संभावित लक्षण पाए गए। ऐसे मरीजों को आवश्यक जांच कराने और रिपोर्ट के आधार पर आगे की उपचार प्रक्रिया तय कराने की सलाह दी गई।
शिविर में जिन मरीजों को दवा की आवश्यकता थी, उन्हें निःशुल्क दवाएं भी वितरित की गईं। शिविर के आयोजक अमर जीत सिंह ने बताया कि कुल 200 मरीजों ने पंजीकरण कराया। सभी मरीजों की निःशुल्क जांच के बाद यूरोलॉजिस्ट डॉ. वी.के. मिश्रा और फिजीशियन डॉ. बिनीत तिवारी ने उचित चिकित्सकीय परामर्श दिया तथा जरूरतमंद मरीजों को मौके पर ही निःशुल्क दवाएं उपलब्ध कराई गईं।
शिविर के दौरान मरीजों के साथ-साथ सामान्य पुरुषों को भी प्रोस्टेट स्वास्थ्य, इसके लक्षणों और समय पर जांच कराने के संबंध में जागरूक किया गया। आयोजकों ने 45 वर्ष की उम्र के बाद नियमित स्वास्थ्य जांच कराने और प्रोस्टेट से जुड़े किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करने की अपील की।

