लवकुशनगर। क्षेत्र में अवैध शराब कारोबार लगातार फल-फूल रहा है और आबकारी विभाग व पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। लवकुशनगर, बारीगढ़, गौरिहार सहित आसपास के कई क्षेत्रों में शराब ठेकेदारों द्वारा गांव-गांव अवैध काउंटर खुलवाकर खुलेआम शराब बिकवाई जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदारों ने हर गांव में अपने एजेंट तैनात कर रखे हैं, जो कमीशन के आधार पर देशी और विदेशी शराब की बिक्री कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि इन गांवों तक शराब की सप्लाई बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिलों से की जाती है। दिनदहाड़े दो पहिया वाहनों से शराब की पेटियां पहुंचाई जाती हैं, लेकिन पुलिस और आबकारी विभाग इस पूरे मामले से अनजान बने हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांवों में 24 घंटे शराब बिक रही है और इस पर किसी प्रकार की रोक नहीं है।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि लवकुशनगर की चंदला रोड स्थित शराब दुकान सुबह 7 बजे ही खुल जाती है, जहां सुबह से ही शराब खरीदने वालों की लाइन लग जाती है। वहीं छतरपुर रोड स्थित दुकान भी निर्धारित समय से पहले खुल जाती है। इससे साफ जाहिर होता है कि नियम-कानून सिर्फ कागजों तक सीमित रह गए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि अवैध शराब बिक्री के कारण गांवों में घरेलू कलह, मारपीट और अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं। परिवारों की आर्थिक स्थिति खराब हो रही है, क्योंकि लोग अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा शराब में उड़ा रहे हैं। युवाओं और बच्चों पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है और नशे की लत तेजी से फैल रही है।
लोगों का आरोप है कि अवैध शराब का यह कारोबार बिना संरक्षण के संभव नहीं है। लाखों रुपये के सेटअप और मिलीभगत के चलते गांव-गांव खुलेआम शराब बेची जा रही है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है।
इस मामले में जब एसडीएम आयुष जैन से बात की गई तो उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया जाएगा और नियम अनुसार जो भी कार्रवाई होगी, वह कराई जाएगी।

