छतरपुर। जिले में मंगलवार को आयोजित कलेक्टर की जनसुनवाई के दौरान एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया, जिसने प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया। चौबे कॉलोनी निवासी जी.पी. चतुर्वेदी नामक बुजुर्ग ने अपनी शिकायत के साथ आत्मदाह की अनुमति तक मांगते हुए आवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम बरकोहा स्थित खसरा नंबर 845/2 और 845/3 की जमीन को लेकर लंबे समय से उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है।
बुजुर्ग का कहना है कि उन्होंने 24 फरवरी 2026 को भी इस संबंध में आवेदन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि दूसरे पक्ष के अनिल अग्रवाल द्वारा एसडीएम से रिश्तेदारी का हवाला देकर दबाव बनाया जा रहा है, जिससे मामले में निष्पक्ष कार्रवाई प्रभावित हो रही है। साथ ही उन्होंने एसडीएम पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने और गलत तरीके से स्थगन आदेश जारी करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि उनके प्रकरण में उनकी विवाहित बेटी का नाम जोड़ दिया गया है, जबकि उसका जमीन से कोई संबंध नहीं है। बुजुर्ग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उन्हें शीघ्र न्याय नहीं मिला तो वे आत्मदाह करने को मजबूर होंगे, जिसके लिए उन्होंने प्रशासन से अनुमति भी मांगी है। जनसुनवाई में इस प्रकार की मांग सामने आने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है। प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर जमीन विवादों में निष्पक्षता और न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

