झांसी।सरकार जहां भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कर रही है, वहीं जीएसटी कलेक्शन में लगे कुछ अधिकारी खुलेआम व्यापारियों को डराकर लूटते नजर आ रहे हैं। नए साल 2026 के पहले ही दिन झांसी से ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे जीएसटी महकमे को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
सीबीआई ने झांसी रेंज की सीजीएसटी (CGST) डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी को 70 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। प्रभा भंडारी भारतीय राजस्व सेवा (IRS) की अधिकारी हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, एक रिकॉर्डेड फोन कॉल ने पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया, जिसमें वह अपने अधीनस्थ सुपरिटेंडेंट्स को यह कहते हुए सुनी गईं—
“मैडम, पैसा मिल गया है… ठीक है, इसे गोल्ड में बदलकर देना।”
📞 रिकॉर्डेड कॉल से खुला पूरा खेल
फोन कॉल को ट्रेस करने के बाद सीबीआई ने झांसी, दिल्ली और ग्वालियर में एक साथ छापेमारी की। इन छापों के दौरान भारी मात्रा में नकदी, सोना-चांदी और करीब 9 करोड़ रुपये की संपत्ति से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
👮♂️ कई गिरफ्तारियां
इस मामले में डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी के अलावा दो जीएसटी सुपरिटेंडेंट, एक फर्म मालिक और एक वकील को भी गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि यह पूरा गिरोह व्यापारियों को जांच और कार्रवाई का डर दिखाकर मोटी रिश्वत वसूल रहा था।
🔍 भ्रष्टाचार पर बड़ा संदेश
नए साल के पहले ही दिन सीबीआई की यह कार्रवाई यह संकेत दे रही है कि वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी और कड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है। जानकारों का कहना है कि आने वाले समय में प्रवर्तन एजेंसियों के निशाने पर और भी बड़े नाम आ सकते हैं।
इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या जीएसटी जैसे महत्वपूर्ण विभाग में बैठे कुछ अधिकारी कानून के रक्षक नहीं, बल्कि व्यापारियों के लिए “खुले डकैत” बनते जा रहे हैं।

