नौगांव। सार्वजनिक मंचों सार्वजनिक समारोहों एवं सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के प्रति अपमानजनक टिप्पणियों तथा धार्मिक विषयों पर अभद्र वक्तव्यों के बढ़ते मामलों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन दीपू शर्मा की अगुवाई में भारत की राष्ट्रपति महोदया एवं मध्यप्रदेश के राज्यपाल महोदय के नाम प्रेषित किया गया जिसे अनुविभागीय अधिकारी एवं तहसीलदार नौगांव के माध्यम से भेजा गया। ज्ञापन में कहा गया है कि भारत का संविधान अपने नागरिकों को अनुच्छेद 19 के अंतर्गत वाक् स्वतंत्रता का अधिकार प्रदान करता है, वहीं अनुच्छेद 25 से 28 तक धार्मिक स्वतंत्रता की भी गारंटी देता है।
भारत का संविधान विश्व में नागरिक स्वतंत्रता के मामले में एक गौरवशाली उदाहरण है जहां प्रत्येक नागरिक को अभिव्यक्ति एवं धर्म की स्वतंत्रता प्राप्त है। लेकिन ज्ञापन में चिंता जताई गई है कि हाल के समय में कुछ व्यक्ति सार्वजनिक मंचों समारोहों एवं सार्वजनिक स्थानों पर संविधान द्वारा निर्धारित अनुच्छेद 19(2) की सीमाओं का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं। ऐसे लोग मां बहन एवं बेटियों के संबंध में अत्यंत अपमानजनक वक्तव्य दे रहे हैं जिससे न केवल महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंच रही है बल्कि भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों एवं सामाजिक मर्यादाओं का भी अपमान हो रहा है।साथ ही धार्मिक विषयों पर की जा रही आपत्तिजनक टिप्पणियों से समाज में वैमनस्य फैलने की आशंका जताई गई है। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि ऐसे कृत्यों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए विशेष कानून बनाया जाए जिससे सार्वजनिक जीवन में मर्यादा सम्मान और सामाजिक सौहार्द बना रहे।ज्ञापन देने वालों का कहना है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर महिलाओं के सम्मान और धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है और इसके लिए सख्त कानूनी प्रावधान समय की आवश्यकता हैं। विज्ञापन देने के लिए सैकड़ो कीसख्या में युवतियां और युवक पहुंचे।

