(गोकर्ण साहू )
राघव भास्कर नौगांव। नगरपालिका में शासन द्वारा दिए गए फंड की बंदरबांट और पूर्व से निर्मित कार्यों को नया दिखाकर जनता की मेहनत की कमाई की लूट के आरोप कोई नई बात नहीं हैं। लेकिन अब मामला इससे भी आगे बढ़ता नजर आ रहा है। आरोप है कि जब इतने सब के बाद भी नगरपालिका के जिम्मेदार कर्मचारियों और अधिकारियों का पेट नहीं भरा, तो उन्होंने नगरपालिका की संपत्ति को ही बेचने की तैयारी शुरू कर दी।मामला नगरपालिका परिषद नौगांव से जुड़ा है, जहां अनुपयोगी सामग्री की नीलामी इन दिनों सुर्खियों में बनी हुई है। इस नीलामी को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक अंतःकलह खुलकर सामने आ गया है, जिससे अधिकारियों की लूट-खसोट की मंशा उजागर होती दिखाई दे रही है।
बताया जा रहा है कि नगरपालिका द्वारा स्थानीय समाचार माध्यमों के जरिए एक विज्ञप्ति प्रकाशित की गई, जिसमें अनुपयोगी सामग्री की खुली बोली का उल्लेख तो किया गया, लेकिन न तो उस सामग्री का स्पष्ट विवरण दिया गया और न ही उसकी संख्या का कोई उल्लेख किया गया। यही नहीं, नीलामी को लेकर पारदर्शिता पूरी तरह से गायब नजर आई।
स्थिति तब और गंभीर हो गई जब स्वयं पार्षदों ने इस नीलामी का विरोध कर दिया। पार्षदों का कहना है कि परिषद की बैठक में लिए गए निर्णयों को दरकिनार करते हुए नगरपालिका के सीएमओ आर एस अवस्थी अपनी मनमानी पर उतारू हैं और नियमों को ताक पर रखकर नीलामी की प्रक्रिया को अंजाम देने जा रहा थे।सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि नीलामी की जाने वाली सामग्री को न तो विधिवत चिन्हित किया गया और न ही किसी सक्षम व जिम्मेदार अधिकारी से उसका मूल्यांकन कराया गया। बिना न्यूनतम मूल्य निर्धारित किए ही नीलामी की तैयारी करना, पूरे मामले को संदेह के घेरे में ला खड़ा करता है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर किसके इशारे पर और किसके फायदे के लिए यह नीलामी की जा रही है। क्या नगरपालिका की संपत्ति को औने-पौने दामों पर बेचने की साजिश रची जा रही है? नगर की जनता और जनप्रतिनिधि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।नगर पालिका में बीते सालों में हुई कबाड़ की चोरी को छुपाने के लिए आनन फानन में परिषद के बिना मंजूरी के होने वाली 19 दिसंबर की नीलामी पर आखिरकार परिषद में मौजूद पार्षद मीरा सिंह शीलू राजा, अरविंद सीमा यादव, राजू बिछौले, लता ओमकार यादव, आशा बृजेंद्र साहू, ने इस नीलामी का विरोध करते हुए नौगांव एसडीएम गोपाल शरण पटेल को ज्ञापन दिया था, जिसकी खबर मीडिया में आने के बाद आज होने वाली नीलामी को एसडीएम के हस्तक्षेप के बाद नौगांव सीएमओ को मजबूरन निरस्त करना पड़ा।इन सभी पार्षदों का आरोप था कि पूर्व में चोरी हुए कबाड़ की कालाबाजारी को छुपाने के लिए नियम विरुद्ध तरीके से नीलामी की जा रही है।जिसके बाद इस कबाड़ नीलामी पर रोक लगा दी गई है।

