बक्स्वाहा। जिले के बक्स्वाहा विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत बेरखेरी ने नशा मुक्ति की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए गांव में पूर्ण शराबबंदी लागू कर दी है। प्रशासन द्वारा युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान का असर अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में बेरखेरी गांव ने एक मिसाल पेश की है।बक्स्वाहा के बेरखेरी गांव में हुआ ऐतिहासिक फैसला
ग्राम पंचायत परिसर में आयोजित विशेष बैठक में ग्रामीणों ने शराबबंदी के मुद्दे पर गहन विचार-विमर्श किया। लंबे मंथन के बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अब गांव में शराब पीना और बेचना दोनों पूरी तरह प्रतिबंधित होंगे। शराब पीते या नशे की हालत में उत्पात मचाते पाए जाने वालों पर अर्थदंड लगाया जाएगा, वहीं शराब बेचने वालों पर 5 हजार रुपए का जुर्माना तय किया गया है।
यही नहीं, ग्रामीणों ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों से सामाजिक रिश्ता समाप्त कर लिया जाएगा। ऐसे लोगों को भविष्य में होने वाले धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में आमंत्रित नहीं किया जाएगा। इस निर्णय से गांव की महिलाओं और बच्चों में विशेष उत्साह है। उनका कहना है कि अब घर-परिवार और समाज में शांति और सौहाद्र्र का माहौल बनेगा।
इस सराहनीय पहल को सफल बनाने में अखिल भारतीय लोधी महासभा के जिला अध्यक्ष देवेंद्र सिंह लोधी, छत्रपाल सिंह लोधी और पूरन सिंह लोधी का विशेष योगदान रहा। उनकी प्रेरणा से ग्रामीण एकजुट होकर इस निर्णय तक पहुंचे।
बैठक में देवेंद्र सिंह लोधी, पूरन सिंह लोधी और बूडी श्यामर मुख्य रूप से मौजूद रहे। ग्रामीणों का मानना है कि इस पहल से न केवल बेरखेरी बल्कि आसपास के गांव भी प्रेरित होकर नशामुक्ति की दिशा में आगे बढ़ेंगे।

