छतरपुर। गत 9 सितंबर को जिला अस्पताल के कैदी वार्ड से फरार हुए कुख्यात अपराधी रविन्द्र सिंह को बीती रात पुलिस टीम ने एक बार फिर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि फरार होने में आरोपी का कुल 6 लोगों ने साथ दिया था, उनमें से तीन को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य तीन की तलाश अभी जारी है। पुलिस ने आरोपी को ओरछा रोड थाना क्षेत्र में पनौठा के जंगलों से गिरफ्तार करने का दावा किया है, लेकिन दूसरी ओर चर्चा है कि पुलिस के दबाव में आकर आरोपी ने सरेंडर किया है। बहरहाल जो भी हो लेकिन रविन्द्र सिंह का गिरफ्तार होना पुलिस के लिए राहत की खबर है। सोमवार की शाम को पुलिस लाइन के कॉन्फ्रेंस हॉल में पुलिस अधीक्षक द्वारा अब तक हुई कार्रवाई की विस्तृत जानकारी मीडिया को दी गई।
पुलिस अधीक्षक अगम जैन ने बताया कि गत 9 सितंबर को कुख्यात अपराधी रविन्द्र सिंह छतरपुर जिला अस्पताल के कैदी वार्ड से पुलिसकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया था। इस दौरान आरोपी ने एक पुलिसकर्मी की राइफल भी चुरा ली थी। आरोपी के फरार होने के बाद सागर आईजी श्रीमती हिमानी खन्ना ने रविन्द्र सिंह की गिरफ्तारी पर 30,000 रुपये का इनाम घोषित किया था। साथ ही मामले की गंभीरता को देखते हुए 25 सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की थी, जो उसी दिन से लगातार तलाशी अभियान चला रही थी। एसपी श्री जैन के मुताबिक ग्राम देरी निवासी रविंद्र सिंह परिहार को पुलिस टीम ने रविवार की रात करीब 11 बजे पनौठा के पास जंगल में घेराबंदी कर पकड़ा और उसके कब्जे से चोरी की राइफल बंदूक(पुलिस वेपन), तीन मोबाइल फोन और स्प्लेंडर बाईक बरामद की। एसपी ने बताया कि रविन्द्र सिंह को भगाने में 6 लोगों ने सहयोग किया था, जिनमें छतरपुर के नामी अपराधी जफ्फू उर्फ जाफिर खान, अश्वनी सक्सेना, दीपक परिहार के अलावा चंद्रभान उर्फ गोलू पुत्र विष्णु अनुरागी निवासी ग्राम देरी, प्रदीप सिंह पुत्र जयपाल सिंह चंदेल निवासी ग्राम खीर महेरी और अंगद सिंह पुत्र रघुवीर सिंह सिसौदिया निवासी ग्राम ललौनी शामिल हैं। एसपी के मुताबिक उक्त सह आरोपियों में से चंद्रभान, प्रदीप और अंगद सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि जफ्फू, अश्वनी और दीपक की तलाश अभी जारी है। एसपी अगम जैन ने कहा कि यह गिरफ्तारी पुलिस की सतर्कता और टीमवर्क का परिणाम है। आरोपी को जल्द ही न्यायालय में पेश किया जाएगा, और चोरी की राइफल के मामले में अतिरिक्त कार्रवाई की जाएगी।
देरी के ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
उल्लेखनीय है कि आरोपी रविन्द्र सिंह लंबे समय से पुलिस की लिस्ट में हिस्ट्रीशीटर रहा है। उसके खिलाफ थाना ओरछा रोड, मातगुवां सहित कई थानों में हत्या का प्रयास, बलवा, रोड एक्सीडेंट, एससी एसटी, अवैध हथियार जैसे 13 से अधिक मामले दर्ज हैं। नवंबर 2024 में पुलिस ने मातगुवां थाना क्षेत्र में शॉर्ट एनकाउंटर करके उसे गिरफ्तार किया था। आरोपी की पुन: गिरफ्तारी के बाद उसे रात भर ओरछा रोड थाना में रखा गया, जहां भारी पुलिस बल तैनात रहा साथ ही एसपी, एडिशनल एसपी सहित पुलिस के कई अन्य अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। चूंकि आरोपी के फरार होने के बाद लगातार लोग पुलिस पर सवाल उठा रहे थे और आरोपी के गृहग्राम देरी में दहशत का माहौल निर्मित हो गया था, लिहाजा रविन्द्र सिंह की गिरफ्तारी से न केवल पुलिस ने बल्कि देरी गांव के लोगों ने भी राहत की सांस ली है।
कार्रवाई में इनकी रही सराहनीय भूमिका
उक्त कार्यवाही में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुश्री विदिता डागर के अलावा नगर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सोनी, कोतवाली थाना प्रभारी अरविंद सिंह दांगी, सिविल लाइन थाना प्रभारी वाल्मीकि चौबे, ओरछा रोड थाना प्रभारी दीपक यादव, उपनिरीक्षक पुष्पेंद्र यादव, कुलदीप सिंह जादौन, धर्मेंद्र रोहित, अतुल झा, राहुल तिवारी, देवेंद्र सिंह यादव, राजकुमार यादव, साइबर प्रभारी उप निरीक्षक नेहा गुर्जर, प्रधान आरक्षक महेंद्र यादव, राकेश, हितेंद्र, रविकांत, मानसिंह, राहुल, राजेश यादव, उमाशंकर, शैलेंद्र सिंह, राजन, आरक्षक नरेश, धर्मेंद्र, संदीप, अजय प्रताप, सुरेंद्र, रविंद्र, भगवान दास, सत्यम, भूपेंद्र, सतीश,मनीष, अभय, करन, दिनेश, नित्य प्रकाश, साइबर से प्रधान आरक्षक किशोर पटेल, आरक्षक राजीव, विजय, मयंक, अभय, धर्मराज की सराहनीय भूमिका रही।

