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आलू प्याज विक्रेताओं ने लगाए मंडी सचिव पर रिश्वत मांगने के आरोप

आलू प्याज विक्रेताओं ने लगाए मंडी सचिव पर रिश्वत मांगने के आरोप

 


बगैर सील लगाए रसीद काटने में लगे मंडी छतरपुर के कर्मचारी
छतरपुर। विगत दिनों से मंडी विवादों को लेकर सुर्खियों में बनी हुई है। यहां पर पदस्थ अधिकारी कर्मचारियों के ऊपर आए दिन व्यापारी गंभीर आरोप लगाते रहते है। विगत में भी विवाद को लेकर छतरपुर मंडी विवादों में बनी रही है। वह विवाद शांत हो नहीं सका और नया मामला प्रकाश में आ गया है। मंगलवार को जनसुनवाई में आलू प्याज के व्यापारी ने शिकायती आवेदन दिया है। जिसमें छतरपुर मंडी सचिव के ऊपर बीस हजार रूपए की रिश्वत मांगने के आरोप लगाए है। साथ ही बगैर मंडी की सील लगाए कर्मचारियों द्वारा रसीद प्रदान की जा रही है। सब्जी बिक्रेताओं से वसूली करने में लगे मंडी के अधिकारी और कर्मचारियों पर कार्यवाही की मांग की है।
क्या है पूरा मामला
पीडि़त इकराम अहमद पिता स्व. सरीफ निवासी आदर्श मार्ग महल रोड छतरपुर ने शिकायती आवेदन में लेख किया है कि विगत तीन से चार साल पहले सब्जी व्यापार करने के लिए मंडी में जमीन आवंटित हुई थी। इस जमीन का शासन को प्रतिमाह टैक्स अदा करता था। जिसकी रसीद उप निरीक्षक राघवेन्द्र सिंह द्वारा प्रतिमाह दी जाती रही है। परंतु उस रसीद पर उप निरीक्षक द्वारा न तो मंडी की सील लगाई जाती रही है और न ही तारीख अंकित की जाती रही है। सील लगाने और तारीख अंकित करने की मांग पर उप निरीक्षक राघवेन्द्र सिंह और उप निरीक्षक संतोष नागर परेशान करने लगे। साथ ही बीस हजार रूपए की रिश्वत मांगने लगे थे। अगर बीस हजार की रिश्वत नहीं दी तो तुम्हारी जमीन किसी अन्य व्यापारी को आवंटित कर दी जायेगी। 

रिश्वत के रूपए नहीं देने पर पीडि़त की आबंटित भूमि को किसी अन्य व्यापारी के नाम आबंटित कर दी गई है। यह खेल मंडी के दोनों अधिकारी संतोष नागर और राघवेन्द्र सिंह के द्वारा रिश्वत का खेल काफी दिनों से खेला जा रहा है। जिस सब्जी व्यापारी के द्वारा रिश्वत नहीं दी जाती है उसकी आबंटित जमीन दूसरे व्यापारी को आबंटित कर दी जाती है। रिश्वत लेते हुए मंडी के अधिकारियों का वीडिय़ों भी बनाया गया है। दोनों अधिकारियों पर कार्रवाई करते हुए आबंटित भूमि को बापिस दिलाया जाये तांकि अपना सब्जी का व्यापार करते हुए परिवार का भरण पोषण कर सकूं।
मंडी के अधिकारी ने दी सफाई
जब इस पूरे मामले की जानकारी मंडी में पदस्थ सचिव संतोष नागर से चाही गई तो वह बौखला गए और नोटिस जारी करने की बात कहते हुए  बोले उसको जहां जाना हो चला जाए। मेरे द्वारा कोई रिश्वत नहीं मांगी गई है। झोटे आरोपों से कुछ नहीं होने वाला है। कलेक्टर भी मेरा कुछ नहीं कर सकता है। अगर रसीदों पर सील और तारीख अंकित नहीं है तो हमारे पास आए हम मिलान करेंगे। मंडी के अधिकारी और कर्मचारियों के द्वारा सब्जी व्यापारियों से कोई रिश्वत की मांग नहीं की जाती है।

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