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 खेत तालाब को खेत में किया तब्दील, लाखो का हुआ फर्जीवाड़ा

खेत तालाब को खेत में किया तब्दील, लाखो का हुआ फर्जीवाड़ा


खेत में फसल होने के बाद भी कागजों में चल रहा मनरेगा कार्य

घुवारा। मनरेगा योजना में लूट मची है।अधिकारियों व ग्राम सरपंच व रोजगार सहायक की मिलीभगत से फर्जी काम दिखाकर गोलमाल किया जा रहा है। हैरान की बात यह है कि खेत तालाब में गेहूं की फसल की उगाई की गई। आखिर कैसे मे?बंदी हो रही है। जिम्मेदार द्वारा पैसा खपाने के लिए मस्टर लगाकर लाखों रूपयों ठिकाने में जुटे हुए हैं।
यह पूरा मामला बड़ामलहरा जनपद क्षेत्र के ग्राम पंचायत स्वारा से सामने आया है। जहां पर सरपंच श्रीमती रेखा अहिरवार, तत्कालीन रोजगार सहायक राकेश सेन के द्वारा लाखों का गबन किया गया है। और अपनी मनमानी पर उतारू है। लगातार ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार किया जा रहा है। आपको बता दें कि हितग्राही दयाराम कुशवाहा के नाम से खेत तालाब का निर्माण कार्य कराया गया था। लेकिन फिर तालाब को खेत में तब्दील कर फसल उगाई गई है।
जानकारी के मुताबिक खेत तालाब की लागत 3 लाख 80 हजार है। लेकिन तत्कालीन रोजगार सहायक राकेश सेन के द्वारा फर्जी मास्टर लगाकर 2 लाख 21 हजार रुपए का लगभग भुगतान किया गया है।
आपको बता दें कि जनपद के जिम्मेदार अधिकारियों ने आपदा को अवसर में बदलने कोई कसर नहीं छोडी। पूरे जनपद क्षेत्र मे फर्जी कामों का अंबार है। अधिकतर जनपद ग्राम पंचायतों मे फर्जी मस्टर भरे जा रहे हैं, जानकारी होने के बावजूद इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। वहीं जनपद के एसडीओ व उपयंत्री के द्वारा फर्जी तरीके से मूल्यांकन दर्शाकर ग्राम पंचायत से कमीशन लेकर बिना काम काम किये लाखों रूपए निकालकर आपस में बंदरवाट किया गया है। इसी के चलते सरपंच व तत्कालीन रोजगार सचिव द्वारा भी जमकर धांधली एवं मनमानी की जा रही है। इस योजना में किसान अपने खेत मे यह तालाब बनवा लेता है और फिर लाखों का भुगतान किया जाता है फिर खेत में कृषि करता है। यह इनके आय का भी जरिया बन जाता है। जिससे मछली पालन जैसे व्यवसाय भी किये जा सकते हैं। लेकिन लगातार सरपंच व सचिव रोजगार सहायक की मिलीभगत से लाखों का गबन किया गया है।
जमीन पर खेत तालाब दिखाकर निकाल ली राशि
सरपंच और रोजगार सहायक द्वारा योजनाओं की राशि का बंदरबांट हो रहा है जिम्मेदार फर्जी मजदूर तैयार कर उनके खातों में राशि डालते हैं, फिर उन्हें कमीशन देकर वापस लेते हैं। लगातार मनरेगा योजना में पतीला लगाया जा रहा है। आपको बता दें कि ग्रामीणों की शिकायत के बाद बड़ामलहरा सीईओ एसके मिश्रा के द्वारा रोजगार सचिव राकेश सेन को स्वारा ग्राम पंचायत से हटा दिया गया है। लेकिन किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई है।
इनका कहना है।
आपके द्वारा मामले की जानकारी प्राप्त हुई है। मैं बड़ामलहरा जनपद सीईओ से बात करता हूं। इस पूरे मामले की बारिकी से जाँच कराकर कार्यवाही की जाएगी।
संदीप जीआर, कलेक्टर छतरपुर

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